सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत पर कौन से काम करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं?
पंचांग के अनुसार, इस महीने में पहला प्रदोष व्रत 13 दिसंबर को रखा जाएगा। इस दिन प्रदोष काल में शाम 05 बजकर 26 मिनट से लेकर 07 बजकर 40 मिनट तक पूजा करना शुभ होगा।
पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 12 दिसंबर को रात 10 बजकर 26 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 13 दिसंबर को शाम 07 बजकर 40 मिनट पर होगा।
कई काम ऐसे होते हैं, जिसे प्रदोष व्रत पर करना शुभ होता है। ऐसा करने से शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
प्रदोष व्रत पर शिव जी की पूजा करते समय शिवलिंग पर जल, तिल, और शमी के पत्ता चढ़ाएं। ऐसा करने से शिव जी प्रसन्न होकर साधक को आशीर्वाद देते हैं।
प्रदोष व्रत पर शिव जी की पूजा करते समय सूजी के हलवे का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है तरक्की के योग बनते हैं।
प्रदोष व्रत पर शिव जी के ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए। इससे जीवन में आने वाली बाधा दूर होती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
कठिन परिश्रम के बाद भी सफलता न मिलने पर प्रदोष व्रत पर शिव जी की पूजा करें। इसे कार्य में सफलता मिलने लगती है और रुके हुए कार्य होने लगते हैं।
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