पुत्रदा एकादशी को चावल क्यों नहीं खाना चाहिए?


By Ashish Mishra13, Aug 2024 10:00 PMjagran.com

पुत्रदा एकादशी 2024

सनातन धर्म में पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान होता है। आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से काम करने चाहिए?

पुत्रदा एकादशी कब है?

पंचांग के अनुसार, सावन माह में पुत्रदा एकादशी की शुरुआत 15 अगस्त को सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 16 अगस्त सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर होगा। 16 अगस्त को व्रत रखा जाएगा।

चावल क्यों नहीं खाना चाहिए?

पुत्रदा एकादशी पर चावल खाने की मनाही होती है। अगर आप एकादशी के दिन चावल खाते हैं, तो जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

रेंगने वाले जीव का जन्म

ऐसी मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर चावल खाने से व्यक्ति को अगला जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में मिलता है। इस दिन चावल खाने से बचना चाहिए।

नहीं मिलता है शुभ फल

पुत्रदा एकादशी के दिन चावल खाने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। इस दिन चावल खाना मांस खाने के बराबर होता है।

पाप का सामना करना

अगर आप पुत्रदा एकादशी पर चावल का सेवन करते हैं, तो पाप का सामना करना पड़ सकता है। विष्णु पुराण के चावल खाना वर्जित बताया गया है।

पुत्रदा एकादशी पर खाएं ये चीजें

इस व्रत के दौरान शकरकंद, कुट्टू के आटे की रोटी, दूध, दही और फल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, भगवान विष्णु को भोग लगाए गए पंचामृत का भी सेवन कर सकते हैं।

धन प्राप्ति के उपाय

पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते समय कौड़ी अर्पित करें। इसके बाद लाल कपड़े में 5 कौड़ी बांधकर तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से धन की कमी नहीं होती है।

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