सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व होता है। इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ करना शुभ होता है। आइए जानते हैं कि इस दिन किन योग में पूजा करने से शिव जी का आशीर्वाद मिलता है?
पंचांग के अनुसार, इस साल मौनी अमावस्या 29 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं।
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 जनवरी को शाम को 07 बजकर 35 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 29 जनवरी को शाम को 06 बजकर 05 मिनट पर होगा।
इस दिन गंगा में स्नान करना बेहद शुभ होता है। अगर आप गंगा में नहीं जा पा रहे हैं, तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।
मौनी अमावस्या पर सुबह 08 बजकर 20 मिनट श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस संयोग में स्नान करना बेहद लाभकारी होता है। इस योग में शिव जी की पूजा करने से पूरा फल मिलता है।
मौनी अमावस्या के दिन शाम 06 बजकर 05 मिनट तक शिव जी मां पार्वती के साथ कैलाश पर रहेंगे। इस दौरान शिव जी आराधना करने से रुके हुए कार्य होते हैं।
मौनी अमावस्या पर रात 09 बजकर 22 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा। इस योग में शिव जी की पूजा करने से सुख की प्राप्ति होती है और संकट दूर होने लगते हैं।
मौनी अमावस्या पर इन संयोग में पूजा-पाठ करने से कार्य में सफलता मिलेगी। इसके साथ ही, पहले से रुके हुए कार्य होने लगेंगे।
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