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बंगाल:कलकत्ता हाई कोर्ट में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी पैनल और जाली हस्ताक्षर का खुलासा

Published: Tue, 22 Sep 2026 02:00 AM (IST)Updated: Tue, 22 Sep 2026 02:11 AM (IST)

कलकत्ता हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। एक आरोपित ने ...और पढ़ें

कलकत्ता हाई कोर्ट में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

कलकत्ता हाई कोर्ट में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

HighLights

  1. कलकत्ता हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी।

  2. आरोपित ने फर्जी नियुक्ति पैनल और जाली हस्ताक्षर बनाए।

  3. पुलिस ने जांच शुरू की, गिरोह होने का संदेह।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने खुद को हाई कोर्ट का कर्मचारी और प्रभावशाली व्यक्ति बताकर दो युवकों को स्टेनो पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

इसके लिए रकम लेने के बाद तीन न्यायाधीशों के जाली हस्ताक्षर वाली फर्जी नियुक्ति पैनल सूची भी तैयार कर दी। शिकायत के आधार पर कोलकाता के बांसद्रोणी थाने की पुलिस ने जांच शुरू की है।

बांसद्रोणी के निरंजनपल्ली निवासी शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपित ने बताया कि हाई कोर्ट में स्टेनो पद पर नियुक्ति हो रही है और न्यायाधीशों से उसके अच्छे संबंध हैं। शिकायतकर्ता ने अपने भाई और भतीजे के लिए नौकरी की बात की। आरोपित दोनों को हाई कोर्ट भी घुमाकर लाया, लेकिन किसी न्यायाधीश से मुलाकात नहीं कराई।

शुरुआत में दोनों की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये मांगे गए। बातचीत के बाद चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायतकर्ता ने सात किस्तों में आनलाइन और नकद मिलाकर 2.20 लाख रुपये दिए।

इसके बाद उसे एक डिजिटल पैनल सूची भेजी गई, जिसमें 51 और 52 नंबर पर दोनों अभ्यर्थियों के नाम थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सूची में तीन न्यायाधीशों के जाली हस्ताक्षर किए गए थे।

चेक भी बाउंस, गिरोह होने का संदेह

नियुक्ति की प्रक्रिया जानने के लिए शिकायतकर्ता जब आरोपित के घर पहुंचा तो वहां कई अन्य नौकरी के इच्छुक लोग भी मिले। उन्होंने बताया कि पैसे लेकर इसी तरह सूची दी गई है और सूची फर्जी है। इसके बाद आरोपित ने शिकायतकर्ता से दूरी बनानी शुरू कर दी। रकम वापस मांगने पर आरोपित ने पोस्ट डेटेड बैंक चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने बांसद्रोणी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसका दावा है कि इस ठगी के पीछे अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा गिरोह हो सकता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।