कोलकाता के जादवपुर में हिंसा: CPM के दफ्तरों में तोड़फोड़, पूर्व टीएमसी MLA के घर पर भी हमला
कोलकाता के जादवपुर में रविवार को अज्ञात बाइक सवारों ने सीपीएम के कई दफ्तरों और पूर्व टीएमसी विधायक देबब्रत मजूमदार के घर पर हमला किया।

कोलकाता के जादवपुर में हिंसा (एआई से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
जादवपुर में बाइक सवारों ने सीपीएम दफ्तरों पर तोड़फोड़ की।
पूर्व टीएमसी विधायक देबब्रत मजूमदार के घर पर भी हमला हुआ।
पीड़ितों ने भाजपा समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाया है।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के जादवपुर इलाके में रविवार को भारी हिंसा और तोड़फोड़ की खबर सामने आई है।मोटरबाइक पर सवार अज्ञात उपद्रवियों के एक झुंड ने सीपीएम (CPI-M) के कई पार्टी दफ्तरों को निशाना बनाया और पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक देबब्रत मजूमदार के घर व पार्टी ऑफिस पर भी हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, कोलकाता नगर निगम (KMC) के 6 अलग-अलग वार्डों वार्ड संख्या 96, 99, 101, 102, 105 और 106 में सीपीएम के दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई है।
उपद्रवियों ने सीपीएम के पार्टी झंडों को नोंचकर जमीन पर फेंक दिया और कई जगहों पर शहीदों की वेदी को भी नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा तनाव वार्ड नंबर 96 में देखने को मिला, जहां पूर्व टीएमसी विधायक देबब्रत मजूमदार का घर और पार्टी ऑफिस स्थित है।
पूर्व विधायक के परिवार के साथ मारपीट
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार हमलावरों ने पूर्व टीएमसी विधायक के घर पर धावा बोला, उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और उनके बड़े भाई को धक्का देकर फर्श पर गिरा दिया। परिवार का आरोप है कि उन्होंने बार-बार पुलिस को फोन किया, लेकिन पुलिस घटना के एक घंटे बाद मौके पर पहुंची।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाइक सवार यह गैंग सिर्फ जादवपुर ही नहीं, बल्कि दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर इलाके में भी लगातार हंगामा कर रहा था। हालांकि, वार्ड नंबर 101 और 105 में झड़प की सूचना मिलते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया और अराजकता को आगे बढ़ने से रोका।
किस पर लगा आरोपों का ठीकरा?
गौरतलब है कि इस घटना के बाद से सीपीएम और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ितों और नेताओं का आरोप है कि इस हिंसा के पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों का हाथ है।
पूर्व विधायक देब्रब्रत मजूमदार ने दावा किया कि हमला करने वाले सभी लोग बीजेपी समर्थक थे और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा मंजर कभी नहीं देखा था। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भाजपा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
