'कोलकाता में आजादी के नारे सुनना पीड़ादायक, जादवपुर यूनिवर्सिटी की करेंगे सफाई'; सीएम शुभेंदु का तीखा हमला
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों पर 'आजादी' के नारे लगाने और नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर तीखा हमला बोला।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी(फाइल फोटो)
HighLights
सीएम शुभेंदु ने जादवपुर यूनिवर्सिटी छात्रों पर साधा निशाना।
'आजादी' नारों और नशीले पदार्थों के सेवन पर जताई आपत्ति।
यूनिवर्सिटी को 'साफ' करने और कार्रवाई की चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी (JU) के छात्रों पर परिसर में कथित तौर पर कश्मीर मांगे आजादी और लाल सलाम किशनजी जैसे नारे लगाने को लेकर तीखा हमला बोला।
यूनिवर्सिटी के बाहर एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज कोलकाता की सड़कों पर आजादी के नारे देखकर मुझे बहुत दुख होता है। आपको किस बात की आजादी चाहिए? हेरोइन इस्तेमाल करने की आजादी? गांजा पीने की आजादी? या देश को बांटने की कोशिश करने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा बनने की आजादी?
फ्री फिलिस्तीन से पहले फ्री PoK लिखें: सीएम शुभेंदु
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या आप कश्मीर को आजादी चाहिए के नारे लगा रहे हैं? क्या आप फ्री फिलिस्तीन पोस्ट कर रहे हैं? फिलिस्तीन के बारे में बोलने से पहले फ्री PoK लिखें।
जब आतंकवादियों ने पहलगाम में हिंदुओं की हत्या की और सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में उन्हें मार गिराया, तब आपने कुछ नहीं कहा। हम पाकिस्तान के गुलाम कश्मीर वापस लेंगे।
इससे पहले, अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक रक्षाबंधन कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम ने कहा, "जादवपुर यूनिवर्सिटी एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। जिस क्षेत्र को लेकर हमने पाकिस्तान के साथ युद्ध लड़े हैं, उसके बारे में कोलकाता की सड़कों पर 'कश्मीर को आजादी चाहिए' लिखा जाना बेहद व्यथित करने वाला है। आप आने वाली पीढ़ी को क्या सिखा रहे हैं?"
ABVP ने JNU को सुधारा, अब जादवपुर की बारी
राष्ट्र-विरोधी तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए, अधिकारी ने दावा किया कि जादवपुर में बीजेपी की चुनावी सफलता ने एक कम्युनिस्ट गढ़ के रूप में इस इलाके की पहचान को ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि मेरे ABVP के दोस्तों आपने जेएनयू और उस्मानिया यूनिवर्सिटी को वापस पटरी पर ला दिया है। अब अगली बारी जादवपुर यूनिवर्सिटी की है। मैं कैंपस के अंदर नशीली दवाओं के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए ड्रोन उड़ाऊंगा, मुझे पता है कि यहां की सफाई कैसे करनी है। चलिए देखते हैं कि आपके सहयोगी आपको कब तक बचाते हैं।
