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जब ब्राजील और भारत में कंफ्यूज हो गए ट्रंप... पोस्ट कर लिखा- राष्ट्रपति चुनाव में 125 मिलियन लोगों ने दिया वोट

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:55 AM (IST)

डोनल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर भ्रमित करने वाला बयान दिया, जिसमें उन्होंने भारत में ...और पढ़ें

भारत और ब्राजील के बीच कन्फ्यूज हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

भारत और ब्राजील के बीच कन्फ्यूज हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

HighLights

  1. ट्रंप ने भारत में राष्ट्रपति चुनाव होने का गलत दावा किया।

  2. वास्तव में वे भारत को ब्राजील के चुनाव से भ्रमित हुए।

  3. उन्होंने अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया पर भी कटाक्ष किया।

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील के बीच कंन्फ्यूज होकर गलत कर दी है। दरअसल ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉरर्म पर एक बड़ा बयान देते हुए भारत के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विवादित टिप्पणी की। हालांकि वास्तव में भारत में इस समय कोई राष्ट्रपति चुनाव नहीं हो रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि ट्रंप भारत और ब्राजील के बीच कंन्फ्यूज हो गए हैं।

ट्रंप का भ्रमित करने वाला बयान

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद उसी दिन नतीजे भी आ गए।'

जबकि सच ये है कि भारत में इस समय राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो रहा है इसके अलावा भारत में राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष नहीं होता है, यानी जनता सीधे राष्ट्रपति का चुनाव नहीं करती है। बल्कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि उनका चयन करते हैं।

इसीलिए ऐसा लगता है कि ऐसा लगता है कि ट्रंप ने भारत को ब्राजील समझ लिया, जहाँ महत्वपूर्ण राष्ट्रपति चुनाव अब दूसरे दौर की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और उनके वैचारिक विरोधी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो रविवार को बहुमत हासिल करने में विफल रहे।

ब्राजील के चुनावी कोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, बोल्सोनारो को 5.6 करोड़ से कुछ अधिक और लूला को 5.36 करोड़ वोट मिले। रनऑफ 25 अक्टूबर को होगा, और राष्ट्रपति का अगला कार्यकाल 5 जनवरी, 2027 से शुरू होना है।

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अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया पर हमला

अपनी इस गलती के बाद ट्रंप ने अमेरिकी चुनावी प्रणाली पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, 'डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में, बहुत कम संख्या होने के बावजूद, नतीजों में हेरफेर करने – मेरा मतलब है, गणना करने – में अक्सर हफ्तों लग जाते हैं।'

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले बयान

यह पूरा विवाद 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले सामने आया है। इन चुनावों के जरिए अमेरिकी नागरिक तय करेंगे कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) पर किसका नियंत्रण होगा। साथ ही दर्जनों गवर्नरों और हजारों राज्य-स्तरीय पदों के लिए भी चुनाव होंगे।

चुनाव के पहले किए गए सर्वे से पता चलता है कि आधुनिक दौर पर चुनावों में मध्यावधि का सामना करने वाले किसी भी पूर्व राष्ट्रपति की तुलना में ट्रंप कम लोकप्रियता के साथ चुनाव में उतर रहे हैं।

फोरकास्टर डिसीजन डेस्क HQ का अनुमान है कि डेमोक्रेट्स के हाउस जीतने की संभावना 75 प्रतिशत है और उन्हें 234-201 से बहुमत मिल सकता है। सीनेट के मामले में मुकाबला बहुत करीबी है, जिसमें डेमोक्रेट्स के 51-49 से जीतने की थोड़ी ज़्यादा संभावना है।

ट्रंप भारत के चुनाव की पहले भी कर चुके हैं तारीफ

यह पहली बार नहीं है कि जब ट्रंप ने भारत की चुनावी व्यवस्था की तारीफ की है। अगस्त में उन्होंने देश में नागरिकता की जांच के लिए भारत के वोटर कार्ड सिस्टम का जिक्र किया था और कहा था कि इससे चुनावी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी और साथ ही अमेरिका में भी कड़े चुनावी कानून लागू करने की वकालत की थी।

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