भारतीय मूल के व्यक्ति की US नागरिकता 15 साल बाद रद, रेप के मामले में पाया गया था दोषी
न्यूयॉर्क में रेप के दोषी भारतीय मूल के गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द कर दी गई है। उन्होंने नागरिकता आवेदन के दौरान अपने आपराधिक इतिहास को छिपाया था।

गुरमीत सिंह की 15 साल बाद अमेरिकी नागरिकता रद। (फाइल फोटो।)
HighLights
गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द की गई।
न्यूयॉर्क में रेप और अपहरण का दोषी पाया गया।
नागरिकता आवेदन में आपराधिक इतिहास छिपाया था।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। भारतीय मूल के एक व्यक्ति की अमेरिकी नागरिकता रद कर दी गई है। इस व्यक्ति को रेप के मामले में दोषी पाया गया है। टैक्सी ड्राइवर गुरमीत सिंह (55) पर आरोप है कि उसने 2011 में न्यूयॉर्क में चाकू की नोक पर एक महिला यात्री का अपहरण किया और उसके साथ रेप किया।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 2014 में हिंसक हमले का दोषी पाए जाने के बाद उसे 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि गुरमीत ने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन करते समय अपने आपराधिक अतीत को छिपाया था। उसे हमले के कुछ महीनों बाद नागरिकता मिली थी।
'नागरिकता लेते वक्त छिपाया आपराधिक बैकग्राउंड'
अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि भारत के रहने वाले और रेप के दोषी गुरमीत अब अमेरिकी नागरिक नही है। ब्लैंच ने कहा, "भारत के दोषी बलात्कारी गुरमीत सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं रहे। उन्होंने नागरिकता पाने की प्रक्रिया के दौरान बलात्कार और अपहरण की बात छिपाई थी और अब एक फेडरल कोर्ट ने उनकी नागरिकता रद कर दी है।"
उन्होंने आगे कहा, "विभाग ने इस मामले को अंजाम तक पहुंचाया है और हम डीनेचुरलाइजेशन (नागरिकता रद करने) के मामलों पर तेजी से काम करना जारी रखेंगे। धोखाधड़ी से हासिल की गई नागरिकता अपराधियों को सजा से नहीं बचा पाएगी।"
गुरमीत सिंह के खिलाफ क्या है केस?
मूल रूप से भारत के रहने वाला गुरमीत सिंह फरवरी 1992 में ज्यादा से ज्यादा छह महीने की अवधि के लिए विजिटर के तौर पर अमेरिका पहुंचा था। न्याय विभाग के अनुसार, इसके बाद वह बिना इजाजत के कई सालों तक अमेरिका में रहा, जब तक कि जून 2000 में परिवार-आधारित आप्रवासी वीजा याचिका के जरिए उसे स्थायी निवासी बनने की मंजूरी नहीं मिल गई।
मई 2011 में अमेरिकी नागरिक बनने के लिए आवेदन करने से कुछ हफ्ते पहले टैक्सी ड्राइवर रहे सिंह एक महिला यात्री को ले जा रहा था और ये महिला घर जाते समय रास्ते में सो गई थी।
जब पैसेंजर की नींद खुली तो उसने पाया कि सिंह उसके ऊपर था और उसने चाकू उसकी गर्दन पर लगा रखा था। उसने उसे धमकाया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी, उसके कपड़े उतार दिए और उसका रेप किया। अमेरिकी एजेंसी ने बताया कि इसके बाद पीड़िता कैब से भाग निकली और सुबह-सुबह मदद के लिए सड़क पर मौजूद किसी व्यक्ति के पास भागी।
खबरों के मुताबिक, गुरमीत ने अपनी नागरिकता पाने की प्रक्रिया के दौरान इन कामों को छिपाया, जिसके चलते अक्टूबर 2011 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल गई। नागरिकता मिलने के बाद न्यूयॉर्क में सिंह को रेप (फर्स्ट डिग्री) और यौन मंशा से किए गए अपराध के तौर पर अपहरण (सेकंड डिग्री) का दोषी ठहराया गया और 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई।
