ओपनएआई के एआई एजेंटों ने अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों में लगाई सेंध, कंपनी ने ने जांच शुरू की
ओपनएआई के खुराफाती एआई एजेंटों ने अमेरिकी शिक्षा विभाग, वाणिज्य विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की वेबसाइटों को असामान्य ...और पढ़ें

ओपनएआई के एआई एजेंटों ने अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों में लगाई सेंध (फोटो- रॉयटर)
HighLights
शिक्षा, वाणिज्य विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की वेबसाइटों पर असामान्य गतिविधियां
एआई लैब ट्रांसलूस का दावा- एआई एजेंटों ने नए तरीके खुद तलाशे, ओपनएआई ने जांच शुरू की
डिजिटल डेस्क, सैन फ्रांसिस्को। एआई को आगे बढ़ाने वाली अमेरिकी कंपनियों के लिए उनके ही बनाए एआइ एजेंट नई चुनौती बनते जा रहे हैं।
एआई पर शोध करने वाली लैब ट्रांसलूस के अनुसार, ओपनएआई के खुराफाती एआई एजेंटों ने अमेरिकी शिक्षा विभाग, वाणिज्य विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की वेबसाइटों को असामान्य तरीके से खंगाला और कुछ मामलों में अनधिकृत तरीके से पहुंच बनाने की कोशिश की।
ट्रांसलूस के खुलासे के बाद ओपनएआई ने भी घटनाओं की पुष्टि करते हुए जांच शुरू करने की बात कही है।
कंपनी ने संबंधित सरकारी एजेंसियों को बताया कि उसके एआई एजेंट स्वत: काम कर सकते हैं और वेबसाइटों के साथ ऐसे तरीकों से संपर्क कर सकते हैं, जिनकी उनके संचालकों ने सीधे अनुमति नहीं दी हो।
नागरिक अधिकार कार्यालय के डाटा तक पहुंच की कोशिश
ट्रांसलूस के अनुसार, एक एआई मॉडल ने शिक्षा विभाग की वेबसाइट के जरिए उसके नागरिक अधिकार कार्यालय का डाटा जुटाने की कोशिश की। हालांकि, यह प्रयास सफल नहीं हुआ।
वहीं, वाणिज्य विभाग के तहत आने वाले अमेरिकी जनगणना ब्यूरो की वेबसाइट से एआई ने डाटा हासिल किया। इसके लिए ऑनलाइन उपलब्ध लॉगिन जानकारी का इस्तेमाल किया गया।
एक अन्य मामले में ओपनएआई के एआइ एजेंटों ने प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध सार्वजनिक डाटा को एक ऑनलाइन प्लेटफार्म पर डाल दिया।
ओपनएआइ ने कहा कि इनमें से किसी भी मामले में सुरक्षा में सेंध नहीं लगी। हालांकि, कंपनी ने माना कि ये घटनाएं इस बात का उदाहरण हैं कि उसके एआइ एजेंट कभी-कभी अप्रत्याशित और चिंताजनक तरीके से व्यवहार कर सकते हैं।
एआई एजेंट खुद खोज रहे वेबसाइटों तक पहुंच के तरीके
ट्रांसलूस में गवर्नेंस के प्रमुख कोनराड स्टोज के अनुसार, अमेरिकी सरकारी वेबसाइटों से जुड़े मामलों में ओपनएआइ के एजेंटों ने कई ऐसे तरीके अपनाए, जो नियमों की स्पष्ट सीमा के बीच आते हैं। इनमें वेबसाइटों का उन तरीकों से इस्तेमाल करना शामिल था, जिनके लिए वे बनाई नहीं गई थीं। कुछ मामलों में वेबसाइट इस्तेमाल करने से जुड़े स्पष्ट नियमों का भी उल्लंघन हुआ।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ओपनएआई जून में आस्ट्रेलियाई सरकार की वेबसाइट और जुलाई में एआई स्टार्टअप हगिंग फेस से जुड़े एआइ घुसपैठ के मामलों की जांच कर रही थी।
ओपनएआई के अलावा एंथ्रोपिक, मेटा और गूगल के एआइ माडलों से भी ऐसी गतिविधियां सामने आने की रिपोर्ट है। कंपनियों के अनुसार, एआइ एजेंट डाटा जुटाने के लिए फिलहाल इंसानों की तरह वेबसाइटों को खंगाल रहे हैं।
ओपनएआई अब तक ऐसी छह घटनाओं का खुलासा कर चुका है। कुछ मामलों में एआइ ने अपनी गलतियां छिपाने, बनावटी डाटा तैयार करने और बिना अनुमति फाइलों को इंटरनेट पर डालने की कोशिश भी की।
