'बैलेट पेपर पर मेरा नाम होता तो इतिहास रच देते', मध्यावधि चुनाव के नतीजों पर ट्रंप का पहला बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 2026 के मध्यावधि चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि अगर वह ...और पढ़ें
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HighLights
ट्रंप ने 2026 मध्यावधि चुनाव परिणामों पर दी प्रतिक्रिया।
बोले, बैलेट पर होते तो रिपब्लिकन भारी बहुमत से जीतते।
चुनाव प्रचार में खुद को मानकर वोट देने की अपील की थी।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बड़ी बढ़त के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप का दावा है कि अगर वे खुद बैलेट में होते, तो रिपब्लिकन पार्टी को भारी बहुमत से जीत हासिल होती।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि मैं बैलेट पर नहीं था और अगर मैं होता, तो हम प्रचंड बहुमत से जीतते! इस विषय पर आपके ध्यान देने के लिए धन्यवाद। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारों की कई रैलियों में ट्रंप ने मतदाताओं से कहा था कि वे यह मानकर मतदान करें जैसे वे खुद चुनाव लड़ रहे हैं।
ट्रंप खुद मैदान में नहीं थे
फॉक्स न्यूज के पीटर डूसी से बातचीत में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि नतीजों के बाद भी मंगलवार को प्रशासन का रुख पूरी तरह अड़िग रहा। अधिकारी ने तर्क दिया कि ट्रंप ने भले ही कई राज्यों में मतदाताओं से इन चुनावों को अपने कार्यकाल पर रेफरेंडम मानने की अपील की थी, लेकिन वे खुद सीधे तौर पर उम्मीदवार नहीं थे।
अधिकारी के अनुसार, ट्रंप के समर्थक तब अधिक संख्या में मतदान करने निकलते हैं जब वे खुद चुनावी मैदान में होते हैं। रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों ने जितना प्रचार किया, उससे बेहतर प्रचार खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने उनके लिए किया था। उन्होंने नतीजों में उम्मीदवारों की गुणवत्ता को भी एक कारण बताया।
व्हाइट हाउस अधिकारी ने आगे कहा कि आज का परिणाम चाहे जो भी रहे, तथाकथित कट्टर वामपंथ से मुकाबला करने का ट्रंप का संकल्प और मजबूत होगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि तैयार रहिए।
प्रतिनिधि सभा पर डेमोक्रेट्स के कब्जे का अनुमान
सीएनएन के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल करने की ओर अग्रसर दिख रही है।
अगर डेमोक्रेट्स का कब्जा होता है, तो उन्हें संसद के जरिए ट्रंप प्रशासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर जांच और निगरानी शुरू करने का अधिकार मिल जाएगा। यह स्थिति ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
इन चुनाव परिणामों के साथ ही डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज प्रतिनिधि सभा के पहले अश्वेत स्पीकर बनने की राह पर हैं। हालांकि, नई संसद की बैठक शुरू होने पर उन्हें औपचारिक रूप से सदन में फ्लोर वोट के जरिए यह पद हासिल करना होगा।
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