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ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सैन्य पकड़ मजबूत, ट्रंप बनाएंगे दो नए अड्डे; आर्कटिक में अमेरिका की घेराबंदी

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:03 AM (IST)

ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना भले ही पूरी नहीं हुई हो, ...और पढ़ें

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सैन्य पकड़ मजबूत, ट्रंप बनाएंगे दो नए अड्डे (फोटो- रॉयटर)

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सैन्य पकड़ मजबूत, ट्रंप बनाएंगे दो नए अड्डे (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ट्रंप ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए

  2. अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच समझौता, ‘गोल्डन डोम’ से आर्कटिक की सुरक्षा


  3. रूस-चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच आर्कटिक में अमेरिका का बड़ा दांव

रॉयटर, न्यूयॉर्क। ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना भले ही पूरी नहीं हुई हो, लेकिन मंगलवार को हुए एक नए समझौते ने इस रणनीतिक आर्कटिक द्वीप पर अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का रास्ता खोल दिया।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ट्रंप, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत अमेरिका ग्रीनलैंड में दो नए सैन्य अड्डे बना सकेगा और बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए ‘गोल्डन डोम’ रक्षा प्रणाली भी तैनात कर सकेगा।

यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की गतिविधियां बढ़ रही हैं। बर्फ पिघलने के साथ नए समुद्री रास्तों, ऊर्जा संसाधनों और महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच के कारण यह क्षेत्र अमेरिका, रूस और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का नया केंद्र बन गया है।

समझौते में ट्रंप क वह मांग शामिल नहीं है, जिसके तहत वह ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहते थे। ग्रीनलैंड के नेताओं ने अमेरिकी कब्जे की इस कोशिश का विरोध किया था। इसके बजाय नई व्यवस्था अमेरिका को द्वीप पर अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने की अनुमति देती है।

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के दौरान दावा किया कि ग्रीनलैंड के लोग क्षेत्र की सुरक्षा और दूसरी जरूरतों के मामले में अमेरिका को स्थायी नियंत्रण देने पर सहमत हैं। हालांकि, समझौते का वास्तविक स्वरूप अमेरिकी क्षेत्र में ग्रीनलैंड के विलय के बजाय वहां अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के विस्तार से जुड़ा है।

भाषण के बाद ट्रंप ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन के साथ त्रिपक्षीय समारोह में समझौते पर हस्ताक्षर किए।

दो पुराने ठिकानों को फिर सक्रिय करने की तैयारी

समझौते के बाद ग्रीनलैंड में दो नए सैन्य ठिकानों के खुलने की उम्मीद है। इनमें नार्सारसुआक शामिल है, जो शीतयुद्ध के दौर में एयरबेस के रूप में इस्तेमाल होता था। दूसरा मेस्टर्सविग है, जहां फिलहाल डेनमार्क की विशेष बल इकाई ‘सिरियस डाग स्लेज पेट्रोल’ काम करती है।

अमेरिका पहले से ही उत्तर-पश्चिमी ग्रीनलैंड में पिटुफिक स्पेस बेस संचालित करता है। समझौते के दस्तावेज के मुताबिक, यह 1951 की उस रक्षा संधि में बदलाव करता है, जो ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का कानूनी आधार रही है।

ग्रीनलैंड इसलिए है महत्वपूर्ण


ग्रीनलैंड कभी डेनमार्क का उपनिवेश था और अब डेनमार्क के साम्राज्य के भीतर व्यापक स्वायत्तता वाला क्षेत्र है। करीब 57 हजार आबादी वाला यह विशाल द्वीप आर्कटिक और उत्तरी अमेरिका के बीच स्थित है।

यहां ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार होने की संभावना है। बर्फ पिघलने के कारण समुद्री रास्ते खुलने और प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच आसान होने से ग्रीनलैंड का सामरिक महत्व भी बढ़ रहा है।