ट्रक पर टैरिफ में राहत की मांग पर अड़ा कनाडा, अमेरिका के साथ ट्रेड डील अटकी
अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता भारी वाहनों पर अमेरिकी टैरिफ घटाने को लेकर गतिरोध के कारण रुक गई।


समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापार वार्ता शुक्रवार को अचानक रोक दी गई। इस असफलता का मुख्य कारण कनाडा के मध्यम और भारी वाहनों पर अमेरिकी टैरिफ घटाने को लेकर अंतिम समय में पैदा हुआ गतिरोध रहा।
अमेरिका और कनाडा ऐसे सौदे की रूपरेखा पर काम कर रहे थे, जिसके तहत ऑटो, स्टील, एल्युमीनियम और लकड़ी पर अमेरिकी क्षेत्रीय शुल्क कम किए जाने थे। हालांकि, प्राइवेट वार्ताओं से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बड़े वाहनों के कैटेगरी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
शुक्रवार देर रात फोन पर हुई बातचीत में कनाडाई पक्ष ने भारी वाहनों के लिए अतिरिक्त राहत पर जोर दिया, जिससे अमेरिकी पक्ष ने इनकार कर दिया।
ट्रक और भारी वाहनों पर छूट का मुद्दा बना आफत
प्रस्तावित सौदे के तहत सामान्य ऑटो टैरिफ को मौजूदा 25% से घटाकर 15% किया जाना था। कनाडा चाहता था कि यह छूट मध्यम और भारी वाहनों तक भी बढ़ाई जाए, जिनमें बड़े पिकअप ट्रक से लेकर कमर्शियल वाहन शामिल हैं।
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ट्रकों को राहत से बाहर रखना एक बड़ा बदलाव है। इसके बिना ओंटारियो में फोर्ड का नया संयंत्र, जो F-350 और बड़े पिकअप ट्रकों का निर्माण करता है, बिना किसी तार्किक कारण के छूट से बाहर हो जाता।
अमेरिका पर लगाया उद्योग को बांटने का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों ने कनाडा की इस मांग को एक अतिरिक्त शर्त माना, जो मूल बातचीत का हिस्सा नहीं थी। वहीं दूसरी ओर, कनाडा के ऑटोमोटिव पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फ्लेवियो वोल्पे ने अमेरिका पर उद्योग को बांटने का आरोप लगाया।
वोल्पे ने कहा कि अमेरिका ने अंतिम क्षणों में सुपर-ड्यूटी पिकअप ट्रकों को कम टैरिफ वाली श्रेणी से बाहर कर दिया, जिसका उद्देश्य कनाडा में ऑटो विनिर्माण को समाप्त करना हो सकता है।
वार्ता के टूटने के तुरंत बाद अमेरिका ने लगभग $20 अरब मूल्य के कनाडाई सामानों पर 50% का नया शुल्क लगा दिया। इसके जवाब में, प्रधानमंत्री कार्नी ने घोषणा की कि कनाडा 8 सितंबर से अमेरिकी वस्तुओं पर डॉलर-टू-डॉलर जवाबी टैरिफ लागू करेगा।
कनाडाई यूनियनों का रुख
कनाडा की सबसे बड़ी निजी-क्षेत्र की यूनियन यूनिफॉर की राष्ट्रीय अध्यक्ष लाना पेन ने कहा कि कनाडा के पास कड़ा रुख अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि केवल अमेरिकी पुर्जों के लिए छूट स्वीकार की जाती, तो व्यापक उत्तर अमेरिकी व्यापार वार्ता में अमेरिका की मांगें और अधिक आक्रामक हो सकती थीं। यूनिफॉर ने कार्नी सरकार से मांग की थी कि मौजूदा उत्तर अमेरिकी व्यापार सौदे के अनुकूल ऑटो पार्ट्स को शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाए।
