चीन में घटती जा रही है महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका, रिपोर्ट में खुलासा
चीन में महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका, विशेषकर राजनीति और नेतृत्व में, हाल के वर्षों में कम हुई है, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी लैंगिक समानता का दावा करती है।

चीन में घटती जा रही है महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
चीन में महिलाओं की सार्वजनिक भूमिका में गिरावट दर्ज।
जनसंख्या लक्ष्यों हेतु महिलाओं की प्रजनन क्षमता का उपयोग।
"मातृत्व दंड" से श्रम शक्ति भागीदारी और वेतन प्रभावित।
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने लंबे समय से चीनी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा को अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश किया है, लेकिन अध्ययन से पता चला है कि हाल के वर्षों में सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका कम हुई है, विशेष रूप से राजनीतिक और नीति नेतृत्व के उच्चतम स्तरों पर महिलाओं को जगह नहीं दी जाती है।
चीन और एशिया पर अनुसंधान संगठन द्वारा किए गए एक विश्लेषण ने तर्क किया है कि जबकि चीन लैंगिक समानता की वैश्विक छवि प्रस्तुत करता है, लेकिन वह जनसंख्या लक्ष्यों को पूरा करने के लिए महिलाओं की प्रजनन क्षमताओं का उपयोग करता है। महिलाओं की प्रजनन स्वायत्तता को सीमित करता है ताकि वह अपनी जनसंख्या उद्देश्यों को पूरा कर सके।
सिचुआन विश्वविद्यालय की पत्रिका में इस वर्ष लेख में कहा गया कि अधिक बच्चों की नीति "मां बनने का दंड" उत्पन्न करती है। इसके चलते महिलाओं की श्रम बल में भागीदारी गिरती है, वेतन घटता है और पदोन्नति बाधित होती है। जबकि पुरुषों के लिए कोई दंड नहीं है।
पीपुल्स डेली में प्रकाशित लेखों के अनुसार, दशकों से पार्टी ने माओ जेडोंग के प्रसिद्ध नारे "महिलाएं आधा आसमान थामे हुए हैं" को लैंगिक समानता के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में बढ़ावा दिया है। लेकिन हाल के वर्षों में चीन के आधिकारिक मीडिया में यह कथा बदल गई है, जो महिलाओं की घरेलू भूमिकाओं पर अधिक जोर देती है।
शासन कर रही सीपीसी दशकों से दावा करती आ रही है कि महिलाएं "सोशलिस्ट आधुनिकता और सुधार और खुलापन" में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मई में प्रकाशित फ्रंटियर्स इन सोशियोलाजी पत्रिका के अध्ययन में पाया गया कि पीपुल्स डेली ने महिलाओं को घरेलू और पारिवारिक भूमिकाओं के साथ अधिक जोड़ा, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र में उनकी भूमिकाओं को कमतर आंका है।
हांगकांग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के जिया वांग और हांगकांग विश्वविद्यालय के रुइयू झांग ने 1990 से 2023 के बीच पीपुल्स डेली में प्रकाशित 125,000 से अधिक लेखों का विश्लेषण किया।
उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े शब्दावली की पहचान की, जिसमें "नेतृत्व करने वाली महिला", "लड़ाकू", "करियर" और "उद्यमिता" जैसे शब्द शामिल थे और निजी क्षेत्र से जुड़े शब्दों की पहचान की, जैसे "परिवार", "बच्चा पैदा करना", "घर का काम" और "प्यारी मां"।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
