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'कॉकपिट में चल रही थी जिंदगी-मौत की लड़ाई', फ्लाईदुबई के यात्रियों ने बताया- हमलावर काबू करने में लगे 20-25 मिनट

Published: Thu, 01 Oct 2026 02:00 AM (IST)

को-पायलट को काबू में करने वाले तीन इजरायली नागरिकों में से एक जिका मानेस ने इजरायल के चैनल-12 को बताया, 'आरोपित पायलट को काबू करने में उन्हें 20-25 मिनट लगे।

एक यात्री ने बताया, हमलावर को-पायलट को काबू करने में लगे 20-25 मिनट

एक यात्री ने बताया, हमलावर को-पायलट को काबू करने में लगे 20-25 मिनट

HighLights

  1. एक यात्री ने बताया, हमलावर को-पायलट को काबू करने में लगे 20-25 मिनट

  2. एक अन्य यात्री ने कहा, ऐसा लगा 11 सितंबर वाली घटना फिर से हो रही है

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या एफजेड-1073 ने बुधवार को जब अचानक हवा में गोता लगया, तो यात्री अल्मोग इटली को लगा कि विमान जबरदस्त टर्बुलेंस से गुजर रहा है, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि कॉकपिट में जिंदगी और मौत की लड़ाई चल रही थी।

उन्होंने बताया कि यात्री केबिन के अगले हिस्से की ओर भाग रहे थे और काकपिट के सामने अफरा-तफरी मची हुई थी।

अल्मोग ने बताया, "यह 20-30 सेकेंड तक नीचे गिरता रहा, फिर संभला, फिर दोबारा नीचे गिरने लगा, फिर संभला और तभी हमने देखा कि काकपिट के पास लोग मौजूद थे।"

रॉयटर के अनुसार, उन्होंने बताया रिजर्व क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे संतुलित किया। साथ ही कहा, "यह काफी डरावना था, लेकिन अधिक देर तक नहीं। अधिकतर यात्री शांत रहे और एक-दूसरे का बहुत साथ दिया। जब हम सऊदी अरब पहुंचे, तो वहां मेडिकल स्टाफ, खाने-पीने की चीजों और जरूरत की हर चीज के साथ हमारा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया।"

को-पायलट को काबू में करने वाले तीन इजरायली नागरिकों में से एक जिका मानेस ने इजरायल के चैनल-12 को बताया, 'आरोपित पायलट को काबू करने में उन्हें 20-25 मिनट लगे। यह बहुत मुश्किल स्थिति थी... लेकिन क्योंकि हम इजरायली हैं, इसलिए हमने तुरंत कार्रवाई की।"

एएनआई के अनुसार उन्होंने दावा किया कि जब को-पायलट कथित तौर पर भारतीय पायलट पर चाकू से हमला कर रहा था, तो वह काकपिट के दरवाजे से बाहर गिर गए। यात्री डेनियल ने कहा कि उन्हें पक्का यकीन है कि यह एक आतंकवादी हमला था।

उन्होंने कहा, "हाथापाई के दौरान मैंने चीखें सुनीं और पायलट का खून जमीन पर देखा, जिन्हें बाहर निकाला गया। हमलावर पर काबू करने वाले तीन इजरायली लोग असली हीरो हैं।" उन्होंने बताया, "जब विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगा रहा था और घूम रहा था, तब ऐसा लगा कि बस, सब खत्म हो गया। 11 सितंबर वाली घटना फिर से हो रही है।"

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, मिरियम ओहायोन नामक यात्री ने इजरायली चैनल आइ-24 न्यूज को बताया, "कुछ ही मिनटों में हमारा विमान पूरी तरह बेकाबू हो गया और हमें लगा कि बस अब सब खत्म, हम क्रैश होने वाले हैं। हमने विमान में चीखें सुनीं और जब काकपिट का दरवाजा खुला, तो वहां बहुत सारा खून था।"

ओहायोन ने अपनी मां यास्मिन ओहायोन-अबुकासिस को बताया कि यह घटना टेकआफ के लगभग दो घंटे बाद शुरू हुई, जब बाथरूम से लौट रहे एक यात्री ने काकपिट के अंदर हाथापाई देखी और यात्रियों को सचेत किया।

ओहायोन-अबुकासिस ने कहा कि उनकी बेटी ने उन्हें बताया था कि पायलट "मदद, मदद" चिल्ला रहा था और चाकू लिए एक आदमी उस पर हमला कर रहा था।