3 देश और फ्लाईदुबई की सुरक्षा में चूक... इजरायल का 9/11 होते-होते कैसे बचा?
फ्लाईदुबई के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने सुरक्षा खामियों के कारण कॉकपिट में प्रवेश किया। अधिकारियों को इस बारे में चिंता करने की वजहें पहले से ही पता थीं।
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तीन देशों से कैसे हो गई सुरक्षा में चूक?
HighLights
को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने सुरक्षा खामियों से कॉकपिट में प्रवेश किया।
ओमान, यूएई, इजरायल में सुरक्षा चूकों के कारण हादसा टला।
यूएई ने इसे आतंकवादी हमले का प्रयास बताया, जांच जारी।
डिजिटल डेस्क, तेल अवीव। एक जांच से पता चला है कि ओमान, यूएई और इजरायल के अंदर सुरक्षा में कई कमियों की वजह से फ्लाईदुबई (flydubai) का को-पायलट हमम अल-हम्मामी कॉकपिट में घुसने में कामयाब हो सका।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कमियों की वजह से 9/11 जैसी हवाई दुर्घटना होते-होते बची, जबकि अधिकारियों को उसके बारे में चिंता करने की वजहें पहले से पता थीं।
कहां से शुरू हुई कमियां?
ये कमियां ओमान से शुरू हुईं, जहां अधिकारियों ने हमम अल-हम्मामी की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी और पाया था कि वह कट्टरपंथी विचारधारा में बहुत ज्यादा दिलचस्पी ले रहा था। इसलिए सरकारी एयरलाइन ओमान एयर में उसे पायलट के तौर पर भरोसा नहीं किया जा सकता था।
एयरलाइन ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था और उसे डी-रेडिकलाइजेशन (कट्टरपंथ से दूर करने वाले) प्रोग्राम में भेजा और डेस्क जॉब पर लगा दिया लेकिन उसके बारे में अपनी चिंताओं की जानकारी बड़े पैमाने पर नहीं दी।
फिर जब अल-हम्मामी फरवरी में फ्लाईदुबई से जुड़ा तो एयरलाइन ने उसके पिछले अनुभव की जांच के लिए ओमान से संपर्क नहीं किया। इस बात का खुलासा वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में किया गया है।
उसके आपराधिक बैकग्राउंड की जांच तो की गई लेकिन पहले की वे चिंताएं जिनकी वजह से ओमान ने उसे उड़ान भरने से हटाया था, नए नियोक्ता तक नहीं पहुंचाई गईं। फ्लाईदुबई ने बाद में उसे संवेदनशील तेल अवीव रूट पर तैनात किया, जिस पर उसने कई बार उड़ान भरी।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि अगर देश ने अपनी चिंताओं के कारण औपचारिक रूप से अल-हम्मामी का पायलट लाइसेंस रद कर दिया होता तो इस कार्रवाई की जानकारी यूएई को मिल जाती।
इजरायल से कहां हुई चूक?
इजरायल के पास भी उसका नाम था फिर भी उसे उड़ान भरने दी। कमियों का आखिरी दौर इजरायल में आया, जहां विदेशी एयरलाइनों को आने से पहले यात्रियों और क्रू की लिस्ट जमा करनी होती है। एयरलाइन ऑपरेटर फ्लाईदुबई ने फ्लाइट 1073 के लिए मैनिफेस्ट (यात्री और क्रू की सूची) जमा की थी, लेकिन इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि उसे नहीं लगता कि उसके पास विदेशी फ्लाइट क्रू की जांच करने का अधिकार या विशेषज्ञता है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने 2023 में बनाए गए उस डेटाबेस को एक्सेस करने के लिए कभी नहीं कहा था, जिसे अधिकृत एजेंसियों की मदद के लिए बनाया गया था। ऐसा इसलिए था क्योंकि मंत्रालय को यह पता ही नहीं था कि वह डेटाबेस चालू है या वह उसका इस्तेमाल कर सकता है।
और कहां चूक हुई?
एक और भी बुनियादी चेतावनी थी, जिसने अल-हम्मामी को इजरायल के लिए उड़ान भरने से रोका जा सकता था। ओमान जैसे देशों के पायलटों को इजरायल के लिए उड़ान भरने की मनाही है, क्योंकि इजरायल के साथ उनके राजनयिक संबंध नहीं हैं। फिर भी अल-हम्ममी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने दिया गया। इजरायल की अपनी पिछली चेतावनियों से भी यह सवाल उठता है कि सिस्टम कैसे फेल हो गया।
मई 2024 की एक गोपनीय रिपोर्ट में देश के कंट्रोलर जनरल ने चेतावनी दी थी कि एविएशन सिक्योरिटी में ढिलाई आ गई है, जिम्मेदारियां बंटी हुई हैं और अधिकार क्षेत्र स्पष्ट नहीं हैं। रिपोर्ट में मैनपावर और बजट की उन समस्याओं का भी जिक्र किया गया जो ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री की निगरानी पर असर डाल रही थीं।
कहां तक पहुंची जांच?
यूएई के अटॉर्नी जनरल ने इस घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश बताया है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, सऊदी अरब, यूएई और इजरायल को शक है कि अल-हम्ममी विमान को तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश कर रहा था।
तीनों देश इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने अकेले यह काम किया था। उन लोगों ने बताया कि अब तक जांचकर्ताओं को किसी विदेशी ताकत या बड़े आतंकवादी संगठन से उसके जुड़ाव का कोई सबूत नहीं मिला है।
