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पेरिस में भारतीय मूल के युवक पर CVLT गिरोह के सरगना होने का आरोप, नाबालिगों के शोषण मामले में सुनवाई शुरू

Published: Tue, 06 Oct 2026 02:00 AM (IST)

फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय मूल के रोहन संदीप राणे के खिलाफ एक नव-नाजी और बच्चों के शोषण से ...और पढ़ें

(यह तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है)

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डिजिटल डेस्क, पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में सोमवार को 29 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति रोहन संदीप राणे के खिलाफ बंद दरवाजों के पीछे एक सनसनीखेज मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। रोहन पर CVLT (कल्ट) नामक अंतरराष्ट्रीय नव-नाजी और बच्चों के शोषण से जुड़े खतरनाक गिरोह का सरगना होने का आरोप है।

अगर अदालत में खिलाफ आरोप साबित होते हैं, तो उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है।

क्या है 'CVLT' गिरोह और इसका तरीका?

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह नव-नाजीवाद, शून्यवाद और पीडोफिलिया की घटिया विचारधार पर आधारित एक ऑनलाइन सिंडिकेट था। इसमें जर्मनी, न्यूजीलैंड और अमेरिका जैसे देशों के अपराधी शामिल थे।

यह गिरोह मुख्य रूप से डिस्कॉर्ड, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए नाबालिग लड़कियों को अपना शिकार बनाता था। विशेष रूप से वे बच्चे इनके निशाने पर होते थे जो पहले से मानसिक तनाव, डिप्रेशन या यौन शोषण का शिकार रहे हों।

गिरोह के सदस्य, जो खुद को वॉर लॉर्ड्स कहते थे, पीड़ितों को ब्लैकमेल करते थे। वे उनसे न्यूड तस्वीरें और वीडियो मंगवाते थे और मना करने पर सामग्री को परिवार व दोस्तों में वायरल करने या पुलिस को झूठी सूचना देकर परेशान करने की धमकियां देते थे।

खुद को नुकसान पहुंचाने के भयानक तरीके

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों के मुताबिक, पीड़ितों को बेहद अमानवीय यातनाएं सहने के लिए मजबूर किया जाता था। उनसे यौन गतिविधियों के साथ-साथ खुद को गंभीर नुकसान पहुंचाने को कहा जाता था।

पीड़ितों को अपने बाल काटकर खाने, अपना पेशाब पीने, रेजर ब्लेड से अपनी त्वचा पर CVLT के सदस्यों के नाम या नाजी प्रतीक गोदने, और खुद को नस्लभेदी गालियां देने जैसे घिनौने काम करने पर मजबूर किया जाता था। दबाव इतना क्रूर होता था कि कुछ पीड़ितों को लाइवस्ट्रीम पर आत्महत्या करने तक के लिए उकसाया गया।

2020 में खौफनाक नेटवर्क की खुलीं परतें

इस खौफनाक नेटवर्क की परतें सबसे पहले 2020 में तब खुलीं, जब यूएस नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन को एक 12 वर्षीय बच्ची की आपत्तिजनक तस्वीर मिली। इस तस्वीर में एक यूजर बच्ची को अपने शरीर पर रोहन नाम लिखने के लिए मजबूर कर रहा था।

इसके बाद हुई जांच में रोहन संदीप राणे का नाम सामने आया, जो फ्रांस में पढ़ाई करने आया था और बाद में फिटनेस कोच के रूप में काम कर रहा था। फ्रांसीसी अधिकारियों ने उसे 2021 में गिरफ्तार कर लिया था।

अदालत में बंद दरवाजों के पीछे सुनवाई

पेरिस में यह मुकदमा शुक्रवार तक चलने की उम्मीद है। अमेरिकी अधिकारियों के विशेष अनुरोध पर सुनवाई बंद दरवाजों के पीछे रखी गई है। अदालत का मानना है कि इस गिरोह के सदस्य पहले भी गवाहों, पीड़ितों और अमेरिकी अभियोजकों को डराते-धमकाते रहे हैं। इसके अलावा, सुनवाई के दौरान सबूत के तौर पर बेहद संवेदनशील और क्रूर वीडियो दिखाए जाने हैं।

इस नेटवर्क का एक अन्य अमेरिकी सदस्य, कालेब क्रिस्टोफर मेरिट, बच्चों के यौन शोषण के अपराधों के लिए अमेरिका में पहले ही 50 साल की सजा काट रहा है।