नेपाल में बाढ़ के बीच तिब्बत में फिर टूटा बांध, बढ़ी दहशत; पुलिस की अपील- तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं
तिब्बत में एक और बांध टूटने से नेपाल के नदी बेसिन के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा ...और पढ़ें

नेपाल पुलिस ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की(फोटो: सोशल मीडिया)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, काठमांडू। तिब्बत की ओर स्थित पानी का बांध एक बार फिर टूट गया है। इस घटना के बाद नदी बेसिन के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिसके चलते नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
नेपाल पुलिस ने तिब्बती क्षेत्र में एक और झील टूटने की सूचना मिलते ही आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने तत्काल नोटिस जारी कर बचाव और राहत कार्यों में जुटे सभी सुरक्षाकर्मियों और आम जनता से तुरंत सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों से जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने और दूसरों को भी इस खतरे के बारे में सूचित करने का निर्देश दिया है।

रसुवा के सीडीओ ने की पुष्टि
नेपाली मीडिया पोर्टल ऑनलाइन खबर के अनुसार, रसुवा जिले के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने भी इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि झील के टूटने की यह जानकारी सीधे चीनी अधिकारियों की ओर से प्राप्त हुई है।
सीडीओ परियार ने बताया कि हमें चीनी पक्ष से सूचना मिली है कि बांध वाली झील टूट गई है। नदी के किनारे रहने वाले सभी निवासियों को सुरक्षित रहने के लिए पहले ही सर्कुलर जारी किया जा चुका है।
कहां हुआ है यह हादसा?
यह विशाल झील चीन में चोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी थी। जानकारी के अनुसार, चोचेन खोला और पुरेपु को त्रिशूली नदी प्रणाली की ऊपरी सहायक नदियों के रूप में जाना जाता है।
झील टूटने के कारण इन नदियों का पानी तेजी से त्रिशूली नदी में आ रहा है, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और आसपास के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचने की आशंका है।
इसी वजह से त्रिशूली नदी के किनारे बसे सभी गांवों और बस्तियों को खाली करने और सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
यह भी पढ़ें- नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर टूटने से मची नेपाल में तबाही, 50 मीटर प्रति सेकंड थी मलबे की रफ्तार; रिपोर्ट में खुलासा
