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क्या बलूचिस्तान में घुटने टेक देंगे आसिम मुनीर? हिंसा को बताया विदेश प्रायोजित

Updated: Fri, 21 Aug 2026 11:02 PM (IST)

पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने बलूचिस्तान में जारी हिंसा को विदेशी प्रायोजित बताया है, जिसका उद्देश्य प्रांत को अस्थिर करना है।

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डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बलूचिस्तान में सक्रिय लड़ाकों और उनकी हिंसात्मक गतिविधियों को विदेश द्वारा प्रायोजित बताया है।

कहा, लड़ाकों की हरकतों का उद्देश्य प्रदेश को अशांत और अस्थिर करना है। मुनीर ने यह बात बलूचिस्तान के सरकार समर्थक लोगों से मुलाकात में कही है।

इस बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसने बलूचिस्तान के पीशीन जिले के सारानान शहर के पुलिस थाने को विस्फोट से उड़ाने के बाद शहर पर कब्जा कर लिया है। 

मुनीर ने बलूचिस्तान हिंसा को विदेशी प्रायोजित बताया

1947 में पाकिस्तान के गठन के समय से ही बलूचिस्तान आजादी की मांग कर रहा है। बीएलए समेत कई संगठन दशकों से इस मांग को आगे बढ़ा रहे हैं।

लेकिन पंजाब और सिंध के नेताओं के नेतृत्व वाली सरकारों और सेना ने उनकी मांग को हमेशा दबाने का काम किया। इसी के चलते खनिज संपन्न होने के बावजूद बलूचिस्तान पिछड़ा और गरीब है।

मुनीर ने कहा कि वर्तमान और भविष्य में बलूचिस्तान और पाकिस्तान एक हैं और एक रहेंगे। किसी देश का नाम लिए बगैर मुनीर ने आरोप लगाया कि विदेशी समर्थन और आर्थिक मदद से बलूचिस्तान को अस्थिर करने की साजिश पर काम हो रहा है।

BLA का पुलिस थाने पर कब्जे का दावा

इस साजिश में सरकार और आमजनों के बीच कटुता पैदा की जा रही है। जबकि आजादी की मांग कर रहे संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार साजिश के तहत बलूचिस्तान के लोगों के अधिकारों का हनन करते हुए प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना चाहती है।

सरकार और सेना इसी साजिश के तहत बलूचिस्तान के अधिकारों की मांग करने वालों को गैरकानूनी तरीके से पकड़कर जेल में डाल रही हैं या उन्हें गायब कर रही हैं। बलूचिस्तान की मानवाधिकार परिषद ने कहा है कि 2025 से बलूच लोगों के अचानक लापता होने के मामले बढ़े हैं।

पाक वायुसेना की बमबारी के विरोध में प्रदर्शन

नीदरलैंड्स की राजधानी एम्सटर्डम में बलूच नेशनल मूवमेंट के बैनर तले प्रदर्शन में बलूचिस्तान के सूरब इलाके में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी की निंदा की गई और कार्रवाई की जांच की मांग की गई। कहा गया कि यह जांच संयुक्त राष्ट्र या अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधि करें।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस बमबारी में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं। पाकिस्तानी वायुसेना की यह कार्रवाई बड़ी मानव त्रासदी है।

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