अमेरिका ने ब्रिटिश एयरबेस से हटाए बी-1 बमवर्षक विमान, आतंकी साजिश के खुलासे के बाद बड़ा फैसला
अमेरिका ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने बी-1 बमवर्षक विमान हटा लिए हैं। यह फैसला ब्रिटिश एयरबेस पर आतंकी साजिश का पर्दाफाश होने बाद लिया गया।

अमेरिका ने ब्रिटिश एयरबेस से बमवर्षक विमान हटाए। (रॉयटर्स)
HighLights
अमेरिका ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस से बी-1 बमवर्षक हटाए।
यह फैसला आतंकी साजिश के खुलासे के एक सप्ताह बाद हुआ।
संदिग्धों की त्वरित रिहाई से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप नाखुश थे।
डिजिटल डेस्क, लंदन। अमेरिका ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड वायुसेना अड्डे से अपने बी वन बमवर्षक विमानों को हटा लिया है और अब उन्हें वापस अमेरिका ले जाया गया है। अमेरिकी वायुसेना इन बड़े लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए कर रही थी। जरूरत पड़ने पर इन विमानों से परमाणु हमला भी किया जा सकता है।
अमेरिकी वायुसेना ने यह कदम ब्रिटिश एयरबेस पर आतंकी हमले की साजिश से पर्दा हटने के एक सप्ताह बाद उठाया है।
बताते हैं कि साजिश का पता लगने और विस्फोटक के साथ पकड़े गए लोगों को महज एक दिन की पूछताछ के बाद जमानत पर रिहा करने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप नाखुश हैं। अमेरिकी अधिकारी इसे जल्दबाजी में लिया निर्णय मान रहे हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जुलाई में कहा था कि जहां से ईरान पर हमला होगा, वह स्थान हमारे निशाने पर होगा। इसी के चलते पिछले हफ्ते ब्रिटिश वायुसेना के फेयरफोर्ड एयरबेस के नजदीक बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ पकड़े गए पांच युवाओं का संपर्क ईरान से होने का अनुमान लगाया गया था।
लेकिन पकड़े जाने के अगले दिन ही ब्रिटिश पुलिस की आतंकवाद निरोधी शाखा ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। इसके बाद गुरुवार को फिर से मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया लेकिन उसे भी एक दिन की पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मामले को गंभीर साजिश बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन एक दिन बाद ही आरोपितों के रिहा होने से वह नाखुश हुए। जबकि ईरान ने कहा कि विस्फोटक के साथ पकड़े गए पांच लोगों के मामले से उसका कोई वास्ता नहीं है।
अमेरिकी वायुसेना के लिए ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयरबेस का खास महत्व रहा है। वहां पर अक्सर अमेरिकी बमवर्षक विमान उतरते रहे हैं लेकिन कभी इन विमानों या अमेरिकी वायुसेना का यह स्थायी अड्डा नहीं रहा है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)
