ईथेनॉल पेट्रोल को लेकर फैलाया गया चींटियों का खौफ; क्या है इस वायरल खबर की असली हकीकत
भारत में अब ईथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का ही उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई दावे किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक दावा वीडियो में किया गया है, ज ...और पढ़ें

HighLights
वायरल वीडियो में इथेनॉल पेट्रोल पर चींटियों का दावा
ईंधन-ग्रेड इथेनॉल चींटियों को आकर्षित नहीं करता
BPCL ने वैज्ञानिक आधार पर दावों को नकारा
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात में खर्च होने वाले डॉलर को बचाने के लिए सरकार की ओर से भारी मात्रा में ईथेनॉल का उपयोग पेट्रोल के साथ वाहनों में किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी ईथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। इनमें से एक दावा है कि ईथेनॉल वाला पेट्रोल चीटिंयों को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या सच में ऐसा हो सकता है या नहीं। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
कार के पेट्रोल टैंक में चींटियों के झुंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल सच में चींटियों को आकर्षित करता है? आइए जानते हैं सच्चाई।
वीडियो में किया दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि यूजर्स का दावा है कि चींटियां इथेनॉल फ्यूल की 'मीठी खुशबू' से बहुत आकर्षित होती हैं, और इसीलिए वे उस फ्यूल टैंक पर जमा हो रही हैं जहां इथेनॉल-मिश्रित फ्यूल रखा गया है। इसके अलावा, वीडियो में यूजर को 'E85' कहते हुए सुना जा सकता है। कैप्शन में यह भी बताया गया है कि वीडियो में दिखाया गया फ्यूल टैंक E85 फ्यूल वाली कार का है।
ईथेनॉल पेट्रोल करता है आकर्षित?
इस सवाल का सीधा जवाब है, नहीं, एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल चींटियों को आकर्षित नहीं करता। प्रयोगशाला में उपयोग होने वाला एथेनॉल अपनी मीठी गंध के कारण चींटियों को आकर्षित कर सकता है, जो कि किण्वित फलों जैसी होती है। हालांकि, ईंधन में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल शुद्ध एथेनॉल से बिल्कुल अलग होता है, क्योंकि ईंधन में मिलाने से पहले इसे उच्च स्तर तक आसवन किया जाता है। आसवन प्रक्रिया के दौरान, एथेनॉल अपनी अवशिष्ट शर्करा और गंध खो देता है। अब, चूंकि इसमें कोई गंध या अवशिष्ट शर्करा नहीं होती, इसलिए यह चींटियों या किसी अन्य कीट को आकर्षित नहीं कर सकता।
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BPCL ने बताया सच
तेल विपणन कंपनी भारत पेट्रोलियम की ओर से भी इस मामले से जुड़ी वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर ही उसका सच भी बताया है। बीपीसीएल ने लिखा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे उन दावों की जांच की है जिनमें वाहनों के ईंधन भरने वाले ढक्कनों के आसपास चींटियों के जमाव और ई20 पेट्रोल के बीच कथित संबंध का जिक्र है। पेट्रोल मिश्रण में इस्तेमाल होने वाला ईंधन-ग्रेड इथेनॉल किण्वन और आसवन प्रक्रियाओं द्वारा उत्पादित होता है, जो अंतिम उत्पाद से अलग होता है। इसके अलावा, ईंधन इथेनॉल में विकृतीकरण कारक होते हैं, जो कीटों को दूर भगाते हैं। मिश्रण के बाद, पेट्रोल की विशिष्ट हाइड्रोकार्बन गंध, इथेनॉल की किसी भी अंतर्निहित गंध पर हावी रहती है। साथ ही, इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में कम ईंधन वाष्प का निर्माण करता है। परिणामस्वरूप, ई20 ईंधन से जुड़ा कोई भी ऐसा कारक नहीं है जो चींटियों या अन्य कीटों को वाहनों के ईंधन ढक्कनों के आसपास इकट्ठा होने का कारण बने। इसलिए, ई20 ईंधन और चींटियों के आकर्षण के बीच संबंध का सुझाव देने वाले दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे दावे निराधार हैं।