क्यों हो रही है E20 पर बहस, सोशल मीडिया के दावे कितने हैं सच, सरकार और निर्माताओं का क्या है कहना
देशभर में पिछले कुछ समय से E20 पेट्रोल, Ethanol के साथ ही वाहनों के खराब होने और माइलेज में कमी आने पर काफी ज्यादा बहस हो रही है। इस पर सोशल मीडिया क ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। देश में पिछले कुछ समय से E20 पेट्रोल, Ethanol, Flex Fuel और E85 पर काफी ज्यादा बहस हो रही है। कई लोगों का मानना है कि इससे वाहनों को बड़ा नुकसान होगा, कुछ लोग सोशल मीडिया पर अलग अलग तरह के दावे कर रहे हैं। वहीं इस पर वाहन निर्माता और सरकार की ओर से भी समय समय पर जानकारी दी जा रही है। किस तरह के दावे किए जा रहे हैं। सरकार भविष्य की क्या तैयारी कर रही है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
भारत में हो रही E20 की बिक्री
भारत में पिछले कुछ समय से सिर्फ E20 पेट्रोल की बिक्री की जा रही है। यह बदलाव देशभर में अप्रैल 2025 में ही हो गया था। जबकि इसका लक्ष्य 2030 था।
अगले चरण की तैयारी
समय से पहले ही ई20 के लक्ष्य को हासिल करने के बाद अब सरकार अगले चरण की तैयारी कर रही है। जिसमें 20 से ज्यादा और 30 फीसदी तक ईथेनॉल को अलग अलग मात्रा में ऑफर किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से E22, E25, E27 और E30 के विकल्प नोटिफाई कर दिए गए हैं।
ज्यादा ब्लेंडिंग पर सरकार ने क्या कहा
पेट्रोल में ईथेनॉल की मात्रा 20 फीसदी से ज्यादा करने पर पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि इसमें जो डर है उसका कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है। वहीं वाहन निर्माता सरकार की इस तैयारी को लेकर सतर्क हो गए हैं क्योंकि ज्यादा ब्लेंडिंग होने पर निर्माताओं को अपने वाहनों को भी अपडेट करना होगा।
लोगों को भी हो रही चिंता
आम जनता को भी सरकार के इस बदलाव की बड़ी चिंता हो रही है। अभी कई वाहनों को E0 और E10 से अपडेट कर E20 में बदलने की कोशिश हो रही है तो अब और ज्यादा ब्लेंडिंग से लोग भी चिंता में हैं।
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सोशल मीडिया पर कई दावे
ई20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कई तरह की वीडियो में ई20 से होने वाले नुकसान को दिखाया जा रहा है। कहीं पर ई20 के कारण कार में चीटियों के झुंड को दिखाया जा रहा है तो कहीं पर ई20 के कारण गाड़ी बंंद हो जाने की समस्या को बताया जा रहा है।
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माइलेज कम होना भी परेशानी
- अलग अलग दावों के बीच माइलेज कम होने की परेशानी भी लोगों के सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि जब से वह अपनी गाड़ी में ई20 पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं तब से माइलेज काफी कम हो गया है।
- वहीं ARAI, इंडियन ऑयल, सियाम की एक स्टडी से पता चला कि ई10 के मुकाबले ई20 के उपयोग के कारण माइलेज दो से छह फीसदी तक कम हो सकती है।
- दूसरी ओर मारुति के मुताबिक ई20 की कम कैलोरीफ़िक वैल्यू के कारण माइलेज में करीब तीन से 3.5 फीसदी तक की कमी हो सकती है।
कई पार्ट होंगे प्रभावित
पुराने वाहनों में जब ई20 पेट्रोल या इससे ज्यादा ब्लेंड वाले पेट्रोल का उपयोग किया जाएगा तो इससे इंंजन के कई पार्ट प्रभावित होंगे। इन पार्ट्स में होस, गैस्केट, सील और O-रिंग जैसे पार्ट्स, मेटल वाले पार्ट्स शामिल हवॉल्व, पिस्टन हेड और फ्यूल-सिस्टम शामिल हैं।
2021 की स्टडी से मिली क्या जानकारी
2021 में ARAI से जुड़ी स्टडी से पता चला कि मेटल वाले पार्ट्स में कोई खास जंग, गड्ढे (पिटिंग) या रंग बदलने जैसी समस्या नहीं पाई गई। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोग इस स्टडी से उलट कई तरह के दावे कर रहे हैं।