अपने इलेक्ट्रिक कार में आग लगने से कैसे बचाएं? 5 जरूरी बातें जो हर EV मालिक को ध्यान रखनी चाहिए
हाल ही में वायरल हुए Mahindra BE 6 EV आग के वीडियो पर कंपनी ने स्पष्टीकरण दिया है। आग बैटरी से नहीं, बल्कि डिफ्लेटेड टायर पर गाड़ी चलाने से हुई अत्यधि ...और पढ़ें

इलेक्ट्रिक कार सुरक्षित रखने के 5 उपाय।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें Mahindra BE 6 EV में आग लगती हुई दिखाई दी। इस घटना ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मालिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। हालांकि, कंपनी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया कि आग बैटरी से नहीं, बल्कि एक गंभीर लापरवाही के कारण लगी।
Mahindra BE 6 में आग लगने की वजह
वाहन के डेटा के मुताबिक, कार को करीब 10 मिनट तक लगभग 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाया गया, जबकि इसका रियर-राइट टायर पूरी तरह डिफ्लेट था। इसके बावजूद ड्राइव जारी रही। टायर प्रेशर से जुड़े अलर्ट बार-बार दिए गए, ESP और TCS सिस्टम लगातार व्हील स्पिन कंट्रोल करने में लगे रहे और अत्यधिक घर्षण के कारण हाई-टेम्परेचर अलर्ट भी ट्रिगर हुआ। वीडियो विश्लेषण से यह पुष्टि हुई कि आग की शुरुआत टायर रबर से हुई, जो सड़क से अत्यधिक रगड़ के कारण गर्म हो गया था।
इलेक्ट्रिक कार को आग से बचाने के तरीके
Mahindra BE 6 में आग लगने की घटना साफ तौर पर बताती है कि EV फायर सेफ्टी सिर्फ बैटरी तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्राइवर की सतर्कता भी उतनी ही अहम है। इसी को देखते हुए हम यहां पर आपको EV को आग जैसी घटनाओं से सुरक्षित रखने के लिए ये 5 जरूरी उपायों के बारे में बता रहे हैं।
-1769844317442.png)
1. बैटरी हेल्थ की रेगुलर चेकिंग
EV की बैटरी उसका सबसे अहम हिस्सा होती है। इसकी स्थिति सीधे वाहन की सुरक्षा से जुड़ी होती है। अधिकृत सर्विस सेंटर पर समय-समय पर बैटरी की जांच करवाना जरूरी है, ताकि बैटरी के फूलने, ओवरहीटिंग या किसी तरह के लीकेज की खराबी को समय रहते जाना जा सकें। ओवरचार्जिंग से बचें और यह सुनिश्चित करें कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम अपडेटेड हो। समय-समय पर चेकिंग करने से थर्मल रनअवे जैसे गंभीर खतरे को टालने में मदद मिलती है।
2. केवल सर्टिफाइड चार्जिंग इक्विपमेंट का इस्तेमाल
EV को हमेशा कंपनी द्वारा अप्रूव्ड चार्जर और केबल से ही चार्ज करें। सस्ते या अनसर्टिफाइड चार्जिंग उपकरणों में सही इंसुलेशन या वोल्टेज कंट्रोल नहीं होता, जिससे शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ सकता है। चार्जिंग के दौरान जगह का हवादार होना भी जरूरी है और एक्सटेंशन कॉर्ड के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
3. पार्किंग को लेकर बरतें सावधानी
EV कहां और कैसे पार्क की जा रही है, यह भी उसकी सुरक्षा पर असर डालता है। अत्यधिक गर्म जगहों पर लंबे समय तक पार्किंग करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कोशिश करें कि वाहन को छायादार या हवादार जगह पर खड़ा किया जाए और आसपास ज्वलनशील सामग्री न हो। सही पार्किंग आदतें बाहरी कारणों से होने वाले जोखिम को कम करती हैं।
4. सॉफ्टवेयर अपडेट को नजरअंदाज न करें
EV का बड़ा हिस्सा सॉफ्टवेयर पर निर्भर करता है, जो बैटरी मैनेजमेंट और सेफ्टी सिस्टम को कंट्रोल करता है। कंपनियां समय-समय पर ऐसे अपडेट जारी करती हैं, जो थर्मल मैनेजमेंट, चार्जिंग प्रोसेस और फॉल्ट डिटेक्शन को बेहतर बनाते हैं। इन अपडेट्स को नजरअंदाज करना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।
5. चेतावनी संकेतों पर तुरंत प्रतिक्रिया दें
डैशबोर्ड पर आने वाले अलर्ट, अजीब गंध, धुआं या परफॉर्मेंस में अचानक गिरावट—ये सभी किसी गंभीर समस्या के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत गाड़ी रोकें, चार्जिंग से डिस्कनेक्ट करें और प्रोफेशनल मदद लें। समय पर उठाया गया कदम एक छोटे फॉल्ट को बड़ी दुर्घटना में बदलने से रोक सकता है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।