पेट्रोल पंप वाले ऐसे लगाते हैं ग्राहकों को चूना, ठगी से बचने के लिए सीख लें ये 5 सिंपल ट्रिक्स
Petrol Pump Scams: पेट्रोल पंप पर मीटर की हेर-फेर और मिलावटी तल से बचना अब आसान है। अगर आप धोखे से बचना चाहते हैं तो इन 5 ट्रिक्स को ध्यान में रखें और ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। पेट्रोल पंप पर ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी एक बड़ी समस्या बन गई है जो कई तरीकों से होती है जैसे- मीटर जीरो पर न करना, तेल में मिलावट करना, खराब क्वालिटी का फ्यूल देना। अगर आपके साथ भी कभी ऐसी धोखाधड़ी हुई है तो आप इन 5 तरीकों से आसानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं वो 5 स्मार्ट तरीके।
पंप पर नजर रखें
अगर कार या बाइक में पेट्रोल भरवा रहे हैं तो मीटर और पेट्रोल डालने वालों पर नजर रखें। साथ ही, फोन पर बात करने या इधर-उधर देखने से बचें क्योंकि इसमें गड़बड़ी की आशंका रहती है। साथ ही, अगर मीटर बहुत ही तेजी के साथ भाग रहा है तो इसमें गड़बड़ी हो सकती है। इसके अलावा, नजर रखें कि नोजल का बटन दबाकर पेट्रोल तो नहीं रोक रहा है।
ऑड अमाउंट
जब भी कभी पेट्रोल पंप पर जाएं तो 100, 200 या फिर 500 रुपए जैसे राउंड फिगर में तेल न भराएं। इसके बजाय 101, 204 या फिर 509 जैस ऑड अमाउंट को चुनें। ऐसा करने से कई बार अटेंडेंट के लिए चोरी करना मुश्किल हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि राउंड अमाउंट में धोखाधड़ी होने का चांस काफी बढ़ जाता है।
मीटर जीरो हुआ या नहीं
पेट्रोल भरवाने से पहले सबसे जरूरी नियम है कि मशीन का डिजिटल मीटर देखें कि वो पूरी तरह 0.00 पर सेट है या नहीं। अक्सर ऐसा होता है कि अटेंडेंट पुरानी रीडिंग पर ही पंपिंग को चालू कर देते है जिससे आपको कम फ्यूल मिलता है और बिल ज्यादा आता है। मीटर 0 पर न दिख तो तुरंत ही इसे रीसेट करें।
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माइलेज और क्वालिटी
अगर आपकी गाड़ी का माइलेज अचानक से कम होने लगे तो समझ जाएं कि पेट्रोल में मिलावट होन की पूरी संभावना है। हमेशा किसी सरकारी या बड़े ब्रांड के पेट्रोल पंप से ही तेल भराएं क्योंकि यहां तेल की क्वालिटी की जांच ज्यादा कड़े नियमों से होती है। खराब या फिर मिलावटी तेल जेब ढीली करने के साथ-साथ गाड़ी के इंजन को भी खराब कर सकता है।
नोजल की जांच करें
पेट्रोल पंप की मशीन और नोजल पर सरकारी विभाग की मुहर लगी होने चाहिए। अगर इसकी सील टूटी हुआ या फिर पुरानी लगे तो समझ जाएं कि मशीन के साथ छेड़छाड़ हुई है। कई बार नोजल में छोटे मैग्नेट लगे होते हैं जिससे फयूल कम निकलता है। मशीन में ऑटो-कट होता है लेकिन अटेंडेंट इसे बीच-बीच में हाथ से रोककर तेल की मात्रा को कम कर देते हैं।