क्या है E100 Fuel जिसे सरकार ने दी मंजूरी, जानें इसके फायदे-नुकसान और गाड़ियों पर पड़ने वाला असर
E100 Fuel: कंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में 100% Ethanol वाले E100 फ्यूल को मंजूरी दे दी है। यहां हम जानेंगे इसके आने से होने वाले फायदों-नुकसान ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में भारत में E100 Fuel के आधिकारिक नियमों को मंजूरी दे दी है। इस कदम से देश ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में लंबी छलांग लगाई है। इसके बाद से लोगों के मन में- E100 फ्यूल क्या है? इसके क्या फायदे नुकसान हैं? और सरकार इस पर क्यों इतना जोर दे रही है?, जैसे सवाव उठ रहे हैं। आइए इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
क्या है E100 फ्यूल?
E100 एक ऐसे फ्यूल का नाम है जिसमें 100% Ethanol होता है। भारत में E20 प्रोग्राम के बाद सरकार अब देश में जल्द ही E22, E27, E30, 385 और E100 जैसे फ्यूल लाने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करना है। आइए अब जानते हैं कि इसके फायदे क्या-क्या हैं।
आर्थिक फायदे
शुरुआत करने के लिए Ethanol Blended प्रोग्राम को खास तौर पर इसलिए शुरू किया गया था जिससे पारंपरिक फ्यूल पर भारत की निर्भरता को कम किया जा सके। इसलिए, ज्यादा इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन से देश को अपना फ्यूल इंपोर्ट कम करने और विदेशा मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बायोफ्यूल की तरफ बढ़ने से किसानों के लिए कमाई के साधन बनेंगे और कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण को फायदा
इथेनॉल के सिर्फ आर्थिक फायदे ही नहीं है बल्कि इसके पर्यावरण को भी फायदे हैं जो देश को उसके स्थिरता लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेंगे। Ethanol एग्रीकल्चर वेस्ट से बनाया जाता है जिससे कचरे में कमी आएगी। इसके अवाला, यह पेट्रोल की तुलना में ज्यादा साफ जलता है जिसका मतलब है कि इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा।
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क्या हैं इसके नुकसान?
जहां एक तरफ Ethanol के अपने फायदे हैं वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। फायदों की ही तरह, इन नुकसानों को भी तीन मुख्य कैटेगरीज में बांटा जा सकता है जिसमें गाड़ियों को होने वाला नुकसान, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नुकसान और आर्थिक नुकसान। आइए समझते हैं कि E100 Fuel से क्या-क्या नुकसान हो सकता है।
गाड़ियों को होन वाले नुकसान
Ethanol स्वभाव से हाइग्रोस्कोपिक होता है और पुरानी गाड़ियों में इसका इस्तेमाल करने से ऐसा नुकसान हो सकता है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। E100 का इस्तेमाल करने के लिए खास रूप से ट्यून किए गए इंजन की जरूरत होती है और फिलहाल भारत में ऐसी गाड़ियां नहीं हैं जिन्हें E100 फ्यूल पर चलाया जा सके।
साथ ही, Ethanol की एनर्जी डेंसिटी गैसोलीन से कम होती है जिसका सीधा मतलब यह है कि ज्यादा इथेनॉल वाले फ्यूल से गाड़ी का माइलेज और परफॉर्मेंस कम हो जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नुकसान
E100 फ्यूल में 100 प्रतिशत इथेनॉल होता है और इसे रखने के लिए खास स्टोरेज टैंकों की जरूरत होती है। इसके अलावा, पूरी तरह से E100 फ्यूल पर काम करने के लिए देश को एक खास सप्लाई चेन और इसे बेचने वाले खास फ्यूल पंपों की भी जरूरत होगी।
इसके अलावा, भले ही Ethanol देश की कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा लेकिन यह Food vs Fuel की नई बहस की शुरुआत भी करेगा क्योंकि देश को ज्यादा Ethanol बनाने के लिए अपनी खेती को बढ़ाना होगा।
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