Maruti Victoris CNG: कितनी देती है माइलेज, क्या खरीदने में होगा फायदा या चुनें कोई और विकल्प
Maruti Victoris CNG Review: मारुति की ओर से मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में विक्टोरिस की बिक्री की जाती है। निर्माता की इस एसयूवी के CNG वेरिएंट को हमें ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय बाजार में कई निर्माताओं की ओर से मिड साइज एसयूवी सेगमेंट के वाहनों को बिक्री के लिए उपलब्ध करवाया जाता है। लेकिन इनमें से CNG तकनीक के साथ कम ही विकल्प बाजार में इस सेगमेंट में मौजूद हैं। मारुति की ओर से मिड साइज एसयूवी के साथ सीएनजी तकनीक विक्टोरिस में ऑफर की जाती है। इस वेरिएंट को हमने करीब एक हजार किलोमीटर तक चलाया। इस दौरान हमने इसे इंजन और फीचर्स के साथ ही फुल टैंक सीएनजी के साथ कई कसौटियों पर परखने की कोशिश भी की। जिसके बाद हम आपको बता रहे हैं कि क्या इस एसयूवी को खरीदना (Maruti Victoris CNG Review) आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है या नहीं।

कैसी है Maruti Victoris CNG
मारुति की ओर से विक्टोरिस को पेट्रोल और हाइब्रिड के साथ ही सीएनजी में भी ऑफर किया जाता है। मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में आने वाली यह एसयूवी कई बेहतरीन फीचर्स के साथ आती है। लेकिन हमें इसके सीएनजी वेरिएंट को चलाने का मौका मिला, जिसमें न तो सनरूफ था और न ही ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन। लेकिन सीएनजी के साथ यह एसयूवी उन लोगों की पहली पसंद हो सकती है जिनको कम खर्च में अच्छी जगह और बेहतरीन माइलेज वाली गाड़ी की तलाश है।

कैसे हैं फीचर्स
मारुति की ओर से विक्टोरिस सीएनजी वेरिएंट्स में कई उपयोगी फीचर भी दिए हैं, जिससे सफर के दौरान काफी ज्यादा आराम मिलता है। इसमें एलईडी प्रोजेक्टर लाइट, ऑटो डिमिंग आईआरवीएम, इलेक्ट्रिकली फोल्ड ओआरवीएम, सीएनजी के बाद भी बड़ा बूट स्पेस और कनेक्टिड एलईडी टेल लाइट्स, वायरलेस मोबाइल चार्जर, फ्रंट में आर्म रेस्ट, इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्राइड ऑटो, एपल कार प्ले, पुश बटन स्टार्ट और की-लैस एंट्री के साथ ही पावर्ड टेल गेट और क्रूज कंट्रोल भी इसमें दिया गया है। एसयूवी के इंटीरियर में भी काले के साथ आइवरी रंग का ड्यूल टोन देखने में काफी अच्छा लगता है।
-1770395782435.jpg)
कितना दमदार इंजन
निर्माता की ओर से इस एसयूवी के सीएनजी वेरिएंट में भी 1.5 लीटर की क्षमता का इंजन देती है। जिससे इसे सीएनजी में 87.8 पीएस की पावर और 121.5 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। इसके साथ इसमें पांच स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन को दिया जाता है। इस इंजन के साथ हमने एसयूवी को हाइवे पर चलाया तो 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर यह आसानी से चलती है, लेकिन इस स्पीड पर इसका आरपीएम ढाई से तीन हजार के आस पास होता है। ऐसे में इसकी माइलेज पर असर आता है और अगर पांच की जगह इसमें छह गियर का विकल्प मिलता तो इसकी माइलेज और बेहतर हो सकती है।
खबरें और भी

कितनी है माइलेज
मारुति की ओर से विक्टोरिस सीएनजी की माइलेज 27.02 किलोमीटर प्रति किलोग्राम बताई गई है। लेकिन हमें इस एसयूवी को करीब एक हजार किलोमीटर चलाने पर औसतन 24 से 25 किलोमीटर की माइलेज मिली। जो काफी अच्छी माइलेज है। हालांकि शहर के ट्रैफिक के बीच, गर्मियों में एसी चलाने और चलाने के अनुभव के कारण माइलेज में थोड़ा अंतर आ सकता है।

फाइनल वर्डिक्ट
मारुति की ओर से मिड साइज एसयूवी सेगमेंट में सीएनजी को ऑफर किया जाता है जो इस सेगमेंट में कम ही निर्माताओं की ओर से ऑफर किया जाता है। इस सेगमेंट में जहां लोगों को ज्यादा आराम, ज्यादा जगह के साथ सुरक्षा और फीचर्स चाहिए होते हैं वहां मारुति ने सीएनजी के साथ माइलेज के मामले में भी बढ़त हासिल कर ली है। साथ ही इसमें सीएनजी होने के बाद भी बूट स्पेस की परेशानी नहीं होती जो इसे अन्य विकल्पों के मुकाबले आगे खड़ा कर देती है। लेकिन सीएनजी के साथ मारुति की ओर से अगर पैनोरमिक सनरूफ, ADAS जैसे फीचर्स भी ऑफर किए जाएं तो सीएनजी के साथ आने वाली यह एसयूवी इन फीचर्स के साथ अन्य निर्माताओं को जरूर परेशानी में डाल सकती है। अगर आपको ऐसी एसयूवी चाहिए जिसमें बेहतर माइलेज, बेहतर बूट स्पेस और रिफाइन इंजन के साथ मारुति का भरोसा मिले तो इसे चुना जा सकता है। लेकिन अगर आपको ऐसी एसयूवी चाहिए जिसमें ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिले तो इसके अन्य वेरिएंट या अन्य निर्माताओं के विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
