दौलत और शोहरत की चाहत में तस्करी के दलदल में फंसा रहे युवा, अररिया के इन इलाकों में फल-फूल रहा धंधा
अररिया जिले में नेपाल से सटे इलाकों में तस्करी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। युवा वर्ग नशीले पदार्थों और अन्य सामानों की तस्करी में शामिल हैं। नरपतगंज और फारबिसगंज जैसे क्षेत्रों में यह धंधा फल-फूल रहा है। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के बावजूद करोड़ों की हेराफेरी हो रही है। नो मेंस लैंड पर अतिक्रमण ने तस्करों का मनोबल बढ़ाया है।

अजीत कुमार, फुलकाहा (अररिया)। जिले के नेपाल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी का धंधा खूब फल-फूल रहा है। नशीली पदार्थ शराब, गांजा, स्मैक, ब्राउन शुगर, अफीम प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ ही खाद्य पदार्थ, रसायनिक खाद, सेब, टमाटर, नेपाली कुदाल, बेलचा आदि की तस्करी धड़ल्ले से होती है।
इस तस्करी के धंधे में युवाओं का एक बड़ा वर्ग शामिल है। खासकर, नेपाली शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। इसे नेपाल से लाकर भारतीय क्षेत्र में डंप किया जाता है, फिर वहां से बाहर सप्लाई की जाती है।
यह तस्करी का धंधा नरपतगंज प्रखंड के घुरना, बसमतिया, फुलकाहा, कुर्साकांटा प्रखंड के कुआड़ी, फारबिसगंज के जोगबनी से सटी सीमा पर होती है। तस्करी के इस धंधे में बड़ी संख्या में युवा सामान के साथ पकड़ में आते हैं। इनमें अधिसंख्य सीमावर्ती क्षेत्र के ही होते हैं।
इन दिनों तस्करों के लिए स्वर्ग बना हुआ है। यही वह जगह है जहां करोड़ों की हेराफेरी हो रही है। हालांकि, यहां तैनात है सीमा सशस्त्र बल के जवान, कस्टम के गुप्तचर और थाने के पुलिस किंतु कहते हैं कि सब कागजी घोड़े दौड़ने में हीं मशगूल है।
धरातल पर जिस पैमाने पर तस्करी हो रही है उस अनुपात में जब्ती की घटनाएं कुछ भी नहीं है। बताते चलें कि इन दिनों जिन वस्तुओं को नेपाल से भारतीय क्षेत्र में तस्करी किया जा रहा है उनमें, नेपाली शराब, गांजा, सुपाड़ी, चायनीज बेलचा, कुदाल के साथ साथ नेपाली मूल के मवेशी भी शामिल है।
जबकि भारतीय क्षेत्र से नेपाल तस्करी के माध्यम से ले जाये जा रहे सामानों में कपड़ा, चीनी, रसायनिक खाद, सीमेंट,आलू, रहाड दाल एवं इलेक्ट्रानिक पार्टस आदि शामिल है। तस्करों के मनोबल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन सामाग्री की तस्करी चार चक्के वाहनों तक से हो रही है।
वैसे छोटे पैमाने पर हो रही तस्करी को दरकिनार कर दिया जाय तो प्रतिदिन एक करोड़ रुपये से अधिक की तस्करी के सामान आर-पार हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक फैले 1750 किलोमीटर की सीमा रेखा पर हजारों घरों एवं दुकानों के बने होने की सूचना है।
वहीं, अररिया जिले में नरपतगंज प्रखंड के बेला पंचायत से पथरदेवा, मधुबनी ग्वालपुछड़ी तक के बीच सीमा पर कई जगह नो मेंस लैंड पर घर बनाकर अवैध कारोबार को प्रश्रय दिया जा रहा है। यही नहीं, पूर्व में शराब की दुकान भी यहां खोले गए थे किंतु हाल के दिनों में उच्च पदाधिकारी के आदेश के बाद यहां से दुकान हटवाए गए थे लेकिन फिर नो मेंस लैंड से कुछ ही दूरी पर बन गया है।
फीलवक्त नरपतगंज प्रखंड के सोनापुर पंचायत के पथरदेवा स्थित 186/ पीपी - 75 सीमांकन पिलर के निकट अभी तक नो मेंस लैंड पर अतिक्रमण है। इसके अलावे मधुबनी, ग्वालपुछदी, इटहरी के पास सबसे अधिक अतिक्रमण किया हुआ है नो मेंस लैंड पर घर बना दिया गया है।
कुछ लोग उस जमीन में फसल लगा दिया है। नो मेंस लैंड अतिक्रमण रहने के कारण तस्करों का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। आए दिन सीमा पर एसएसबी एवं तस्करों के बीच झड़प भी हुई है। हालांकि, बेला से सबसे अधिक नशीली पदार्थ की तस्करी होती है जिसमें गांजा, अफीम, चरस, प्रतिबंधित टैबलेट, कफ सिरप शामिल है।
तस्करी के लिए बना लिए हैं दर्जनों रास्ते
भारत नेपाल की खुली सीमा पर शराब तस्करों ने ऐसे दर्जनों रास्ते बना लिए हैं, जहां पुलिस पहुंच ही नहीं पाती। पुलिस एक रास्ते पर घेराबंदी करती है तो दूसरे रास्ते से तस्कर शराब लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं। देर रात शराब की तस्करी इंडो नेपाल के सीमा से हो रही है।
सूत्रों की मानें तो इसमें कई सिंडिकेट काम कर रहे हैं। बड़े वाहनों से शराब की खेप देर रात मंगाई जाती है। सिंडिकेट सदस्यों को एसएसबी एवं पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी पहले से होती है, जिस कारण वे पकड़ में नहीं आते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सिंडिकेट के सदस्य शराब की होम डिलीवरी कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
बरामदगी एक नजर में
- 17 मई को बसमतिया एसएसबी व पुलिस ने 65 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो नेपाली तस्करी व बाइक को पकड़ा था।
- तीन मई को बसमतिया पुलिस व एसएसबी ने बेला गांव में छापेमारी कर 205 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था।
- 16 जुलाई को बसमतिया एसएसबी व पुलिस ने 12 ग्राम ब्राउन शुगर के एक नेपाली तस्कर को गिरफ्तार किया था।
- दो अगस्त को फुलकाहा पुलिस ने मानिकपुर गांव के समीप 720 बोतल के साथ दो तस्कर को गिरफ्तार किया था।
- 11 अगस्त को फुलकाहा एसएसबी ने कोशिकापुर बार्डर पर विभिन्न ब्रांडों के 1742 नेपाली शराब बरामद किया था। जबकि तस्कर मौके फरार हो गया।
- आठ अगस्त को फुलकाहा में एसएसबी ने 153 बोतल शराब बरामद किया था। तस्कर फरार हो गया।
- चार जुलाई को मानिकपुर गांव जिस तरह से स्मैक तस्कर मोनू कुमार को 137 ग्राम स्मैक
- 20 जुलाई को बेला में एसएसबी ने दस किलो गांजा बरामद किया था जबकि तस्कर भागने में सफल रहा था।
- 16 जुलाई को बसमतिया एसएसबी ने 12 ग्राम के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था।
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