440 वोल्ट करंट से 9 बच्चे झुलसे, 2 की हालत गंभीर; बेगूसराय के स्कूल में बड़ा हादसा
Begusarai School Electrocution: बेगूसराय के छौड़ाही स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में 440 वोल्ट के तार की चपेट में आने से नौ बच्चे झुलस गए, जिनमें द ...और पढ़ें

दो बच्चों की हालत गंभीर
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। छौड़ाही थाना क्षेत्र की सावंत पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मोइन टोला सावंत में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। स्कूल परिसर में 440 वोल्ट करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से नौ बच्चे झुलस गए। घटना के बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई।
घायल छात्रों के अनुसार, लंच ब्रेक के दौरान यह हादसा हुआ। छात्र सीढ़ी से नीचे उतर रहे थे तभी यह घटना घटी। खिड़की के पास लटक रहे कटे तार में तेज करंट दौड़ रहा था।
दो बच्चों की हालत गंभीर, बाकी घायल
इस हादसे में कक्षा तीन के छात्र सुदर्शन कुमार और कक्षा पांच की छात्रा छोटी कुमारी की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर किया गया है।
अन्य घायल छात्रों में चंदा कुमारी, रोशन कुमार, मनीष कुमार, किरण कुमारी शामिल हैं। इसके अलावा ऋतिक कुमार, फूलचंद कुमार और दिव्यांश कुमार भी झुलसे हैं।
सभी घायलों का इलाज निजी क्लीनिक में कराया जा रहा है। घटना से परिजनों में भारी चिंता का माहौल है।
शिक्षकों ने लकड़ी से बचाई बच्चों की जान
घटना के दौरान बच्चों की चीख-पुकार से स्कूल में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद शिक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया।
सूखी लकड़ी के डंडे की मदद से बच्चों को तार से अलग किया गया। हालांकि तब तक कई बच्चे करंट की चपेट में आ चुके थे।
शिक्षकों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद कई बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए।
एक घंटे तक नहीं मिली चिकित्सा सहायता
हादसे के बाद भी तुरंत चिकित्सा सहायता नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक घंटे तक कोई डॉक्टर नहीं आया।
इस दौरान ग्रामीणों ने घरेलू उपायों से बच्चों का इलाज शुरू किया। बाद में अभिभावक ही बच्चों को निजी क्लीनिक लेकर गए।
इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 दिन पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी। तब दो छात्राओं को करंट लगा था, जो अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।
इसके बावजूद स्कूल में कोई सुधार नहीं किया गया। न तो बिजली व्यवस्था ठीक की गई और न सुरक्षा उपाय किए गए।
यह लापरवाही अब बड़े हादसे का कारण बनी। लोगों ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्कूल में नहीं थी प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि स्कूल में फर्स्ट एड की सुविधा नहीं थी। न ही तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई।
घटना के समय स्कूल के एचएम महेश कुमार छुट्टी पर थे। विद्यालय का प्रभार शिक्षक राम कुमार रजक के पास था।
प्रशासनिक लापरवाही भी इस घटना में उजागर हुई है। ग्रामीणों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मो. नौशाद अहमद ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने तुरंत विद्यालय पहुंचने की बात कही है।
प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुट गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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