भागलपुर के बरारी गंगा घाट पर नाव और जहाज की टक्कर, यात्रियों की सांसें थम गईं, कल पीलर से टकराई थी नाव
भागलपुर के बरारी पुल घाट पर शुक्रवार को एक नाव और नि:शुल्क जहाज की टक्कर होते-होते बची, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। विक्रमशिला पुल क्षतिग्रस्त हो ...और पढ़ें
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भागलपुर बरारी पुल घाट पर नाव और जहाज की टक्कर, यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बरारी पुल घाट पर शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पूर्व दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक नाव, यात्रियों को ढोने वाले नि:शुल्क जहाज से जा टकराई। घाट पर गंगा पार करने का इंतजार कर रहे लोगों की नजर जहाज पर थी। टक्कर का दृश्य सभी ने देखा, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया।
नौकिक हादसा और राहत
राहत की बात यह रही कि टक्कर के समय नाव लगभग खाली थी। टक्कर जहाज के अगले हिस्से और नाव के पिछले हिस्से में हुई। नाव को हल्का नुकसान हुआ, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। लगातार दूसरे दिन जलमार्ग पर हुई टक्कर ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। गुरुवार दोपहर भी दो नावों की जोरदार टक्कर हुई थी, जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इससे पहले नवगछिया की ओर जा रही एक नाव पिलर से टकरा गई थी।
जलमार्ग पर बढ़ा दबाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद बरारी पुल घाट और महादेवपुर घाट के बीच नावों और जहाजों का दबाव अचानक बढ़ गया है। नावों में ब्रेक जैसी कोई व्यवस्था नहीं होने और संचालन की स्पष्ट दिशा तय नहीं होने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। लोग जिला प्रशासन से जलमार्ग पर आवागमन की दिशा निर्धारित करने और निगरानी व्यवस्था कड़ी करने की मांग कर रहे हैं।
बुधवार को नाव फंसने की घटना
बरारी गंगा घाट से बीते बुधवार सुबह नौ बजे खुली एक नाव पिलर नंबर नौ के पास अचानक खराब होकर बीच धारा में फंस गई। नाविक के अनुसार मशीन का एक पार्ट टूट जाने से यह स्थिति बनी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नाव को सुरक्षित घाट किनारे पहुँचाया। खराब पार्ट बदलने के बाद नाव का परिचालन फिर शुरू किया गया।
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दिनभर में तकनीकी गड़बड़ियां
उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे पिलर नंबर 18 के पास एक दूसरी नाव में तकनीकी खराबी आ गई। एसडीआरएफ ने तत्परता दिखाते हुए नाव को किनारे पहुंचाया। यह वही नाव थी जो सोमवार को भी बीच गंगा में फंस गई थी। लगातार तकनीकी गड़बड़ियों ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है।
यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे
विक्रमशिला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद गंगा जलमार्ग पर यात्रियों की निर्भरता बढ़ गई है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था अभी भी ढीली है। जागरण टीम की पड़ताल में अधिकांश नावों पर पर्याप्त लाइफ जैकेट और लाइफ रिंग नहीं मिली। कुछ नावों पर केवल दो-चार लाइफ जैकेट ही दिखे, जो यात्रियों की संख्या के मुकाबले बहुत कम हैं।
नाव पर चढ़ने-उतरने की परेशानी
नाव पर चढ़ने और उतरने के लिए भी सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। यात्री बांस और लोहे के चचरी के सहारे नाव तक पहुंचते हैं। फिसलन के कारण कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। पिछले चार दिनों में ऐसी घटनाएं कई बार सामने आई हैं।
नि:शुल्क जहाज आठ घंटे ठप
बरारी पुल घाट पर शुक्रवार सुबह नि:शुल्क जहाज का परिचालन तकनीकी खराबी के कारण घंटों बाधित रहा। सुबह 7:50 बजे खोलने के बाद जहाज जब लौटकर घाट पहुंचा तो उसमें खराबी आ गई। जहाज दोबारा अपराह्न 3:50 बजे परिचालन की स्थिति में लौट सका। लगभग आठ घंटे तक सेवा ठप रहने से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
नावों पर दबाव और यात्रा में परेशानी
सेवा ठप रहने के कारण बड़ी संख्या में लोग मजबूरी में नाव से सफर करते दिखे। इससे घाट क्षेत्र में नावों पर दबाव और बढ़ गया। लगातार तकनीकी गड़बड़ियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं में कमियों के कारण जलमार्ग पर यात्रा जोखिम भरी बनी हुई है।
यात्रियों ने प्रशासन से की मांग
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि जिला प्रशासन को जलमार्ग पर साफ दिशानिर्देश और नियमित निगरानी व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही नावों में लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
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