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    भागलपुर के 133 फर्जी टीचर हुए बर्खास्त, अब ब्याज सहित होगी करोड़ों की वसूली

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 05:30 AM (IST)

    भागलपुर में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्त 133 नियोजित शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ...और पढ़ें

    जिला शिक्षा पदाधिकारी ऑफिस भागलपुर।

    जिला शिक्षा पदाधिकारी ऑफिस भागलपुर।

    HighLights

    1. भागलपुर में 133 फर्जी नियोजित शिक्षक बर्खास्त किए गए।

    2. बर्खास्त शिक्षकों से ब्याज सहित वेतन की वसूली होगी।

    3. कुल 17 से 28 करोड़ रुपये की वसूली का अनुमान है।

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। फर्जी शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले भागलपुर जिले के 133 नियोजित शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

    अब इन शिक्षकों से नौकरी के दौरान प्राप्त पूरे वेतन की ब्याज सहित वसूली की जाएगी। जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच रिपोर्ट में अनियमितता सामने आते ही संबंधित शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया था।

    इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी कर सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार वसूली की राशि सभी शिक्षकों के लिए समान नहीं होगी।

    प्रत्येक शिक्षक की सेवा अवधि, वेतनमान और प्राप्त कुल वेतन के आधार पर अलग-अलग राशि तय की जाएगी। यदि औसतन 25 हजार रुपये मासिक वेतन और चार से छह वर्ष की सेवा अवधि को आधार माना जाए तो प्रति शिक्षक 13 से 21 लाख रुपये तक की वसूली ब्याज सहित हो सकती है।

    इस हिसाब से जिले के 133 शिक्षकों से कुल वसूली करीब 17 करोड़ से 28 करोड़ रुपये के बीच पहुंचने का अनुमान है। अंतिम राशि विभागीय गणना के बाद ही तय होगी।

    कार्रवाई की जद में सबसे अधिक 14 शिक्षक बिहपुर प्रखंड के हैं। इसके अलावा खरीक के 11, जगदीशपुर के छह तथा सन्हौला, नाथनगर, कदवा-नवगछिया और गोपालपुर-रंगरा के पांच-पांच शिक्षक शामिल हैं। अन्य प्रखंडों के शिक्षकों पर भी कार्रवाई की गई है। जिसकी जानकारी अभी शिक्षा विभागक नहीं मिली है।

    राज्य स्तर पर 3035 हुए हैं बर्खास्त

    जिला शिक्षा विभाग के अनुसार शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आयु संबंधी दस्तावेज तथा टीईटी-सीटीईटी सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    जिन मामलों में आपराधिक तथ्य सामने आए हैं, उनमें नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रदेश स्तर पर वर्ष 2006 से 2015 के बीच नियुक्त करीब 3.5 लाख शिक्षकों के 6.70 लाख प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई थी।

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    जांच में अब तक 3035 शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं, जिनमें 1830 शिक्षकों को प्राथमिक स्तर पर दोषी माना गया है। इसी जांच के आधार पर भागलपुर में भी 133 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।

    निगरानी जांच में प्रमाणपत्रों में अनियमितता पाए जाने के बाद जिले के 133 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही उनका वेतन बंद कर दिया गया था। अब विभागीय निर्देश के अनुसार प्रत्येक शिक्षक से सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वेतन की ब्याज सहित वसूली की जाएगी। जिन मामलों में आपराधिक तथ्य सामने आए हैं, उनमें विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।

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    सुभाष कुमार, क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक