भागलपुर में विमान सेवा की उलटी गिनती, 5 तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर तैयार हो रहा अजगैवीनाथ एयरपोर्ट का ब्लूप्रिंट
भागलपुर के सुल्तानगंज में प्रस्तावित अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को राज्य सरकार की हरी झंडी मिल गई है। इसके विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR ...और पढ़ें

भागलपुर के अजगैबीनाथ एयरपोर्ट के लिए RITES ने जारी किया टेंडर, जुलाई से शुरू होगी जमीन और मिट्टी की हाई-टेक जांच
HighLights
अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को मिली राज्य सरकार की मंजूरी।
विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) बनाने का कार्य शुरू।
पांच तकनीकी रिपोर्टों से तय होगा एयरपोर्ट का डिजाइन।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना अब कागजी फाइलों से बाहर निकलकर धरातल पर उतरने के लिए मचल रही है। राज्य सरकार की विशेष हरी झंडी मिलने के बाद अब इस बहुप्रतीक्षित हवाई अड्डे के निर्माण की तकनीकी और प्रशासनिक कड़ियों को तेजी से जोड़ा जा रहा है। इसी सिलसिले में एयरपोर्ट का भविष्य तय करने वाले विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) को तैयार करने का महाअभियान शुरू हो चुका है, जिससे हवाई सफर की हर संभावना का बारीक आकलन किया जा सके।
इन 5 स्तंभों पर टिकी है भागलपुर के हवाई सफर की किस्मत
इस बार जिला प्रशासन और विमानन विशेषज्ञों की नजरें पूरी तरह तकनीकी सटीकता पर हैं। जानकारी के मुताबिक, अजगैबीनाथ एयरपोर्ट की फाइनल डीपीआर तैयार करने के लिए मुख्य रूप से पांच बेहद महत्वपूर्ण और हाई-टेक रिपोर्ट्स को आधार बनाया जा रहा है। इनमें साइट मैप, लैंड मैप, ट्रैफिक रिपोर्ट, टोपोग्राफिकल सर्वे डेटा एवं चार्ट के साथ-साथ जियोटेक्निकल व सॉयल इन्वेस्टिगेशन (मिट्टी की जांच) रिपोर्ट शामिल हैं। इन पांचों दस्तावेजों के जरिए जमीन की ढलान, भविष्य के यात्रियों की संख्या और मिट्टी की भार वहन क्षमता का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है।
रनवे से लेकर टर्मिनल तक, इन्हीं रिपोर्ट से तय होगा आधुनिक डिजाइन
हवाई अड्डा निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का साफ कहना है कि किसी भी नए (ग्रीनफील्ड) एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की सफलता इन्हीं पांच रिपोर्ट पर निर्भर करती है। इसी डेटा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि विशाल रनवे की दिशा क्या होगी, आलीशान टर्मिनल भवन का ढांचा कैसा दिखेगा और मुख्य सड़क से एयरपोर्ट को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग कहां से गुजरेगा। सिर्फ इतना ही नहीं, इन्हीं रिपोर्ट के जरिए ही इस मेगा प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाली कुल अनुमानित लागत और आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों का सटीक खाका खींचा जाएगा।
श्रावणी मेला और अंग क्षेत्र के व्यापार को लगेंगे विकास के पंख
धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद पवित्र अजगैबीनाथ धाम में सालभर, विशेषकर विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंचते हैं। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के चालू होते ही जहां कांवरियों और श्रद्धालुओं का सफर बेहद आसान हो जाएगा, वहीं भागलपुर, बांका और मुंगेर समेत पूरे अंग क्षेत्र को सीधे वैश्विक हवाई नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा। इससे सिल्क सिटी के ठप पड़े कपड़ा उद्योग, जर्दालू आम और कतरनी चावल के वैश्विक व्यापार और नए निवेश की संभावनाओं को एक नई और तेज रफ्तार मिलना तय माना जा रहा है।