भागलपुर को गैस सिलेंडर से मिलेगी मुक्ति: अक्टूबर से शहर में बिछेगी पाइपलाइन, 35 हजार घरों को सौगात
भागलपुर में पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (पीएनजी) नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे 2027 के अंत तक घरों में रसोई गैस पहुंचेगी। ...और पढ़ें

2027 के अंत तक भागलपुर के घरों में पाइप से पहुंचेगी रसोई गैस (AI Generated Image)
HighLights
2027 तक भागलपुर के घरों में पाइप से गैस।
350 करोड़ की लागत से गैस पाइपलाइन विस्तार।
35 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और सिटी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
संसद के मानसून सत्र में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि भागलपुर, मुंगेर और लखीसराय क्षेत्र में गैस अवसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
मुंगेर से भागलपुर तक बिछाई जा रही गैस पाइपलाइन मुंगेर के तेलिया तलाब से अजगैवीनाथ से छह किमी पहले तक पहुंच गई है। इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार, अजगैवीनाथ से भागलपुर शहर की ओर अक्टूबर से पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में तेलिया तालाब से अजगैवीनाथ तक लगभग 31 किलोमीटर पाइपलाइन डाली जा रही है। इस कार्य में 12 इंच व्यास के स्टील पाइप का उपयोग हो रहा है।
इस परियोजना पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और सस्ती रसोई गैस हर घर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।
12,861 घरों तक पहुंची पीएनजी, 12 सीएनजी स्टेशन चालू
मंत्रालय के अनुसार 31 मई 2026 तक इस क्षेत्र में 12,861 घरेलू पीएनजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। वहीं 1,215 इंच-किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए 12 सीएनजी स्टेशन भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को किफायती और पर्यावरण अनुकूल ईंधन मिल रहा है।
वहीं, एक जुलाई तक जिले में 7.35 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। इनमें 3.90 लाख कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं। जिले में 58 एलपीजी वितरक और 103 पेट्रोल-डीजल खुदरा बिक्री केंद्र भी संचालित हैं।
51 वार्डों के 35 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
परियोजना के तहत साहेबगंज के भूतनाथ और गोराडीह में डिस्ट्रिक्ट रेगुलेटरी स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां से पूरे शहर में गैस आपूर्ति नियंत्रित होगी। घरों तक मीडियम डेनसिटी पालीएथिलीन पाइप के माध्यम से गैस पहुंचाई जाएगी। शहर के 51 वार्डों में 35 हजार से अधिक घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है।