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    भागलपुर ट्रैफिक सुधारने की दिशा में कदम : लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन 4 KM, लागत Rs. 51 करोड़, काटे जाएंगे 335 पेड़

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 12:04 AM (IST)

    भागलपुर में लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन सड़क का निर्माण जून में शुरू होगा। पथ निर्माण विभाग ने वन विभाग से एनओसी मांगी है, जिसके तहत 335 पेड़ काटे या शिफ ...और पढ़ें

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     भागलपुर में लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन की तैयारियां शुरू

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन से जुड़ने वाली लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन सड़क निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग ने वन विभाग को एनओसी के लिए आवेदन सौंप दिया है। इस परियोजना के तहत कुल 335 पेड़ों की कटाई की जाएगी। सड़क बनाने वाली एजेंसी का चयन भी पूरा कर लिया गया है और विभाग जून में निर्माण कार्य शुरू करने की योजना बना रहा है।

    परियोजना का महत्व और लागत

    इस परियोजना को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि यह मार्ग शहर के व्यस्ततम हिस्सों में से एक है और यहां अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है।

    पथ निर्माण विभाग ने इस परियोजना के लिए 50.17 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि निर्धारित की है। विभाग का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाए और अगले साल बरसात से पहले योजना पूरी हो जाए।

    सड़क के बनने से लोहिया पुल और अलीगंज के बीच आवागमन सुगम होगा, ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी। यह परियोजना शहर के यातायात ढांचे को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    सड़क चौड़ीकरण और अन्य कार्य

    चार किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण के लिए बिजली के पोल और तार हटाए जाएंगे और उन्हें अंडरग्राउंड बिछाया जाएगा। जल जमाव की समस्या के समाधान के लिए सड़क के दोनों ओर डेढ़ मीटर चौड़ा और छह फीट गहरा नाला बनाया जाएगा, जिसे फुटपाथ के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सड़क पर डिवाइडर भी बनाया जाएगा।

    पथ निर्माण विभाग को बिजली कंपनी द्वारा इस काम के लिए 10 करोड़ रुपये का एस्टिमेट दिया गया है। निर्माण से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

    निर्माण की प्रक्रिया

    पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद गुप्ता के अनुसार, सड़क का निर्माण अलीगंज बाइपास की ओर से शुरू होगा। यहां बिजली खंभे, तार और पेड़ों को कटाई या शिफ्टिंग के लिए समस्या कम है। वन विभाग से जल्द एनओसी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद विभाग को स्टीमेट राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। लोहिया पुल से करीब आधा किलोमीटर जगह कम है। मापी कराने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हुआ है।

    पेड़ों की कटाई और शिफ्टिंग

    वन विभाग के डीएफओ आशुतोष राज के अनुसार, आरसीडी और वन विभाग के अधिकारियों के संयुक्त सर्वे के बाद तय होगा कि कितने पेड़ काटे जाएं और कितने शिफ्ट किए जाएं।

    • 60 सेंटीमीटर या उससे अधिक गोलाई वाले पेड़ काटे जाएंगे।
    • 60 सेंटीमीटर से कम गोलाई वाले पेड़ शिफ्ट किए जाएंगे।
    • कटाई किए गए पेड़ों की संख्या के तीन गुने पेड़ विभाग को नए रूप में लगाना होगा।

    पेड़ शिफ्टिंग का काम वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में आरसीडी द्वारा किया जाएगा और इसके लिए किसी एजेंसी से मशीन हायर करनी होगी।

    परियोजना का प्रभाव

    इस सड़क के बनने से न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी बल्कि शहर के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित रही है।