BPSC Success Story : भागलपुर की मोनालिशा ने बिना किसी महंगे कोचिंग के घर पर की तैयारी, बनी स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर
भागलपुर की मोनालिशा ने अपने दूसरे प्रयास में 70वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद हासिल किया है। उन्होंने सीमित संसाधनों ...और पढ़ें

BPSC Success Story: भागलपुर की मोनालिशा बनीं स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर, घर पर रहकर दूसरे प्रयास में पाई सफलता
HighLights
मोनालिशा चौधरी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता पाई।
दूसरे प्रयास में स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद हासिल किया।
सीमित संसाधनों में घर पर रहकर स्वाध्याय से तैयारी की।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम के बल पर भागलपुर शहर के खलीफाबाग की रहने वाली होनहार बेटी मोनालिशा ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में परचम लहराया है। मोनालिशा ने अपने दूसरे ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर (State Tax Assistant Commissioner) का पद हासिल किया है। इस बड़ी कामयाबी से उनके परिवार और पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है।
बीएसएनएल से रिटायर्ड हैं पिता, मां हैं गृहिणी
मोनालिशा एक अनुशासित और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता संजय कुमार चौधरी बीएसएनएल (BSNL) से सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि उनकी माता सुषमा देवी एक कुशल गृहिणी हैं। मोनालिशा की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर जैसे ही खलीफाबाग और उनके शुभचिंतकों तक पहुंची, हर तरफ बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
माउंट कार्मेल भागलपुर से पटना यूनिवर्सिटी तक का सफर
मोनालिशा की प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर के माउंट कार्मेल स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने अपनी बुनियादी शिक्षा को मजबूत किया। इसके बाद उन्होंने आगे की उच्च शिक्षा के लिए पटना का रुख किया और पटना विश्वविद्यालय (Patna University) से अपना स्नातक (Graduation) पूरा किया। वर्तमान में वह अपनी स्नातकोत्तर (Post Graduation) की पढ़ाई कर रही हैं।

सीमित संसाधनों के बीच घर पर रहकर ही की तैयारी
आज के दौर में जहां छात्र बड़े शहरों और महंगे कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं, वहीं मोनालिशा ने घर पर रहकर ही स्वाध्याय (Self Study) को अपना हथियार बनाया। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद नियमित अध्ययन (Regular Study), कड़ा अनुशासन और खुद पर अटूट आत्मविश्वास ही उनकी इस शानदार सफलता का मुख्य आधार बना।
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युवाओं को सफलता का मंत्र: लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी
अपनी इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मोनालिशा चौधरी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने बीपीएससी की तैयारी कर रहे अन्य युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “अगर आपके मन में अपने लक्ष्य के प्रति सच्चा समर्पण और निरंतर मेहनत करने का जज्बा हो, तो देश की किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है।” मोनालिशा ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट सहयोग और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है।