भागलपुर में 50 स्कूलों ने बढ़ा-चढ़ाकर दिखा दिए फरवरी माह का कार्य दिवस, डीपीओ ने पूछा 22 की जगह 25 क्यों?
भागलपुर में लगभग 50 स्कूलों ने फरवरी माह के वास्तविक कार्य दिवसों को बढ़ाकर 24-25 दिन दिखाया, जिससे मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के तहत अधिक राशि की मांग ...और पढ़ें

भागलपुर में स्कूलों ने फरवरी महीने के कार्य दिवस बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए, डीपीओ (एमडीएम) ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शिक्षा विभाग में फरवरी माह के कार्य दिवसों को लेकर एक अजीब मामला सामने आया है। जिले के कुछ स्कूलों ने वास्तविक 23 कार्य दिवसों को बढ़ाकर 24 और 25 दिन दिखा दिया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। लगभग 50 स्कूलों द्वारा इस तरह की गलत रिपोर्टिंग किए जाने के बाद डीपीओ (एमडीएम) बबीता कुमारी ने पीरपैंती, जगदीशपुर, शाहकुंड और रंगरा चौक प्रखंड के साधन सेवियों से जवाब तलब किया है।
24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का निर्देश
जारी पत्र में कहा गया है कि 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा कि किन परिस्थितियों में वास्तविक कार्य दिवस से अधिक दिन दिखाकर बच्चों की संख्या बढ़ाई गई और एमडीएम योजना के तहत अधिक राशि की मांग की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित प्रखंड साधन सेवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कितने स्कूलों की रिपोर्टिंग संदिग्ध
सूची में पीरपैंती प्रखंड के 15, शाहकुंड के 25, जगदीशपुर के 1 और रंगरा चौक के 9 स्कूल शामिल हैं। फरवरी माह के लिए जिले के प्रारंभिक स्कूलों में अंडा सहित एमडीएम आवंटन की कुल राशि 3 करोड़ 92 लाख 60 हजार 119 रुपए थी।
वित्तीय अनियमितता के दायरे में मामला
डीपीओ (एमडीएम) बबीता कुमारी ने बताया कि यह कृत्य न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि विभाग ने पहले भी स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि ई-शिक्षाकोष में नामांकित बच्चों की संख्या के अनुसार ही उपस्थिति और कार्य दिवस दर्ज किए जाएं। साथ ही, एमआईएस पोर्टल पर भी नामांकन ई-शिक्षाकोष के अनुरूप दर्ज करने का निर्देश था।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
इसके बावजूद स्कूलों द्वारा गलत आंकड़े प्रस्तुत किए जाने से विभाग गंभीर रूप से चिंतित है। बबीता कुमारी ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच कर संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी स्कूल द्वारा ऐसी अनियमितता बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के हित में विभाग की सख्ती
विभाग ने इस कदम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि बच्चों को मिलने वाले पोषण और एमडीएम योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग हो। इसके अलावा, यह चेतावनी भी है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को विभाग गंभीरता से लेता है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्कूलों में हड़कंप, नियमों का पालन जरूरी
इस मामले से जिले के स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, और सभी से उम्मीद की जा रही है कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी से बचेंगे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।