'मेरी क्यूट मेम.. पास कर दीजिएगा, प्लीज', मैट्रिक-इंटर कॉपी चेकिंग में गीत-कहानियों से दिखी बच्चों की कल्पनाएं
भागलपुर में मैट्रिक और इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है। परीक्षकों को छात्रों की कॉपियों में रोचक, भावनात्मक और हास्यपूर्ण जवाब म ...और पढ़ें

परीक्षा की कापियों में मासूमियत का तड़का: बच्चों की अनोखी अपील और हास्य

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जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में मैट्रिक और इंटर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी है। मैट्रिक की कापियों की जांच के लिए छह मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जबकि इंटर की कापियां अलग-अलग केंद्रों पर जाँची जा रही हैं। प्रतिदिन 600 से अधिक परीक्षक हजारों उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में जुटे हैं। इस दौरान कई रोचक और भावनात्मक उत्तर भी सामने आ रहे हैं, जिनमें छात्रों की मासूमियत, व्यंग्य और कभी-कभी भविष्य की चिंता झलकती है।
परीक्षण के दौरान बच्चों की मासूम टिप्पणियां
मूल्यांकन केंद्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक तीन दर्जन से अधिक ऐसी कापियां मिली हैं, जिनमें छात्र-छात्राओं ने परीक्षकों से अंक बढ़ाने की विनती, पारिवारिक स्थिति का हवाला या भविष्य की पढ़ाई के लिए अपील की है। कई कापियों में तो छात्रों ने उत्तर के साथ गीत, छोटी कहानियां और अपनी रोजमर्रा की बातें भी लिख दी हैं। परीक्षक बताते हैं कि इन सबके बावजूद अंक केवल उत्तर की गुणवत्ता के आधार पर ही दिए जा रहे हैं। मैट्रिक का मूल्यांकन 13 मार्च तक पूरा होना है।
मासूम और मजेदार उत्तर
- केस-1: एक छात्रा ने लिखा, “सबसे पहले आपको प्रणाम करती हूं। मैंने जो कुछ आता है लिखा है। मैं आगे पढ़ना चाहती हूं लेकिन नंबर कम आए तो मेरे घर वाले मुझे पढ़ने नहीं देंगे। इसलिए सर और मेम प्लीज प्लीज प्लीज मुझे नंबर दे दीजिएगा और पास कर दीजिएगा। मेरे क्यूट मेम और गुड सर।”
- केस-2: हिंदी के एक प्रश्न ‘बातचीत से क्या होता है?’ का उत्तर छात्र ने अपनी कहानी और जननायक कर्पूरी ठाकुर के गुण गिनाते हुए दिया। उसने लिखा कि अब उससे बातचीत नहीं होती, वह कानपुर में रहता है, साथ ही जननायक कर्पूरी ठाकुर बहुत अच्छे इंसान थे और गाना गाते थे।
- केस-3: ‘चित्रपट की विलक्षण लोकप्रियता’ का जवाब हिंदी के एक छात्र ने गयासुद्दीन तुगलक के फरमान और मिथिला विजय सहित विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं के रूप में लिखा। उसने राजा हरि सिंह और शहीद भगत सिंह तक का जिक्र कर मजेदार अंदाज में उत्तर प्रस्तुत किया।
- केस-4: ‘लाभ’ पर निबंध में छात्र ने लिखा, “हम आम का पेड़ लगाते हैं, वह लम्हर होकर आम देता है। कुछ सड़ भी जाता है, जो हमें हानि दे देता है। 10 में कलम खरीदते हैं, 15 में बेच देते हैं, यही तो लाभ है।”
मूल्यांकन का अनुभव और परीक्षकों की प्रतिक्रिया
परीक्षक बताते हैं कि ऐसे उत्तर मूल्यांकन के दौरान एक अलग ही अनुभव देते हैं। कभी छात्रों की मासूमियत हंसाती है, तो कभी उनकी सादगी और व्यंग्य परीक्षकों को सोचने पर मजबूर कर देता है। यह सभी उत्तर शिक्षा और परीक्षा की गंभीर प्रक्रिया में मानवीय दृष्टिकोण का नजारा पेश करते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की भावनाओं और हास्य को देखकर मूल्यांकन का माहौल हल्का और रोचक बन जाता है। इस प्रक्रिया में 600 से अधिक परीक्षक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर रहे हैं और सभी को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना चुनौतीपूर्ण है।
संपूर्ण प्रक्रिया यह दिखाती है कि सिर्फ अंक या उत्तर ही नहीं, बल्कि छात्रों की रचनात्मकता और सोच भी परीक्षा का अहम हिस्सा हैं। ये मजेदार और भावनात्मक पल शिक्षा के अनुभव को और यादगार बना देते हैं।
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