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    रजिस्टर बंद, बिहार के सरकारी स्कूलों में मई से टैब से बनेगी हाजिरी, 22 अप्रैल तक करवा लें रजिस्ट्रेशन

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 07:46 AM (IST)

    भागलपुर के सरकारी स्कूलों में मई से फेस रिकॉग्निशन आधारित ई-अटेंडेंस लागू होगी। 22 अप्रैल तक शिक्षकों और छात्रों का पंजीकरण अनिवार्य है। डीपीओ बबीता क ...और पढ़ें

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    भागलपुर के सरकारी स्कूलों में मई से टैब से बनेगी हाजिरी, 22 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन का अंतिम मौका

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में फेस रिकॉग्निशन आधारित ई-अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों को पहले ही टैब उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

    अब मई से हाजिरी पूरी तरह डिजिटल होगी और रजिस्टर की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। विभाग ने इसे अनिवार्य करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी हाल में नियमों का पालन करना होगा।

    22 अप्रैल तक अंतिम मौका

    कई विद्यालयों में अब तक रजिस्ट्रेशन कार्य अधूरा है। इस पर नाराजगी जताते हुए डीपीओ एसएसए बबीता कुमारी ने पत्र जारी किया है। उन्होंने शेष बचे स्कूलों को 22 अप्रैल तक अंतिम मोहलत दी है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तय समय तक रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं होने पर संबंधित शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की जाएगी।

    961 शिक्षक अब भी रजिस्ट्रेशन से बाहर

    जिले में कुल 17,424 शिक्षकों में से 16,467 का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अपडेट हो चुका है। इसके बावजूद 961 शिक्षक अब भी पंजीकरण से बाहर हैं। सबसे ज्यादा कहलगांव में 118 और पीरपैंती में 115 शिक्षक अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना है।

    छात्रों का रजिस्ट्रेशन भी अधूरा

    छात्रों के मामले में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिले के 5,45,949 छात्रों में से 3,49,737 का ही अब तक रजिस्ट्रेशन हो पाया है। करीब 1,96,229 छात्र अभी भी लंबित हैं। इतना ही नहीं, जिले के 10 विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी छात्र का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है।

    4,304 टैब से होगी निगरानी

    विभाग की ओर से जिले के स्कूलों में 4,304 टैब वितरित किए जा चुके हैं। ये सभी उपकरण एक्टिव मोड में हैं और अब इन्हीं के जरिए उपस्थिति दर्ज की जाएगी। विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूल इन टैब का उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा सके।

    लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

    डीपीओ एसएसए बबीता कुमारी ने बताया कि कई बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल के बाद लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मई से हर हाल में टैब से ही हाजिरी बनाना अनिवार्य होगा।