बीपीएसएससी मद्य निषेध दारोगा परीक्षा का ऐसा रहा पेपर, कठिन सवालों के बीच क्या रहेगा संभावित कटऑफ
भागलपुर में बीपीएसएससी मद्य निषेध दारोगा प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई, जिसमें 70% से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। सामान्य ज्ञान और विज्ञान आसान ...और पढ़ें

बिहार दारोगा परीक्षा: भागलपुर रेलवे जंक्शन पर परीक्षार्थियों की भीड़।
HighLights
बीपीएसएससी मद्य निषेध दारोगा परीक्षा भागलपुर में संपन्न।
सामान्य ज्ञान, विज्ञान के प्रश्न आसान रहे।
विश्व इतिहास, उन्नत भूगोल के प्रश्न कठिन थे।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा आयोजित मद्य निषेध दारोगा (अवर निरीक्षक) भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा रविवार को सिल्क सिटी के विभिन्न इलाकों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।
इस महत्वपूर्ण परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा शहर के भीतर कुल 20 आधुनिक परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच एक ही पाली में परीक्षा ली गई। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी केंद्रों पर कुल 8,280 अभ्यर्थियों के शामिल होने की सूची तैयार थी।
70 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, केंद्रों पर रही सख्त सुरक्षा व्यवस्था
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को आयोजित इस दारोगा परीक्षा में निर्धारित कुल अभ्यर्थियों में से 70 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया दी और बताया कि सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं (करेंट अफेयर्स) और विज्ञान के प्रश्न काफी आसान थे। परीक्षार्थियों के अनुसार, भारतीय संविधान के प्रमुख महत्वपूर्ण अनुच्छेद, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तथा बिहार के इतिहास और अर्थव्यवस्था से जुड़े सीधे पूछे गए प्रश्नों को हल करने में कोई खास परेशानी नहीं हुई।
विज्ञान के मूल सिद्धांतों ने दी बड़ी राहत, लेकिन एडवांस भूगोल ने छुड़ाए पसीने
इसके साथ ही सामान्य विज्ञान के अंतर्गत भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के मूल सिद्धांतों पर आधारित बेसिक सवाल भी काफी सीधे और स्कोरिंग रहे, जिससे अभ्यर्थियों के चेहरे खिले दिखे। हालांकि, दूसरी तरफ विश्व इतिहास (वर्ल्ड हिस्ट्री) और उन्नत भूगोल (एडवांस ज्योग्राफी) के जटिल प्रश्नों ने परीक्षा हॉल के भीतर अधिकांश मेधावी अभ्यर्थियों की भी कड़ी परीक्षा ले ली। वैश्विक क्रांतियों के कारण, ऐतिहासिक घटनाओं के सटीक वर्ष, पेचीदा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तथा उन्नत भूगोल से जुड़े गहरे तथ्यात्मक प्रश्न उम्मीद और अपेक्षा से कहीं अधिक कठिन स्तर के पूछे गए थे।
कठिन प्रश्नों के कारण समय प्रबंधन रहा चुनौतीपूर्ण, परीक्षा के बाद कटऑफ पर हुई चर्चा
इन कठिन और उलझाऊ प्रश्नों को हल करने में अभ्यर्थियों का काफी कीमती समय बर्बाद हुआ, जिसके कारण कई सेंटर्स पर परीक्षार्थियों को समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) करने में भारी चुनौती का सामना करना पड़ा। राय हरि मोहन ठाकुर विद्यालय केंद्र से परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थी राहुल कुमार ने बताया कि सामान्य अध्ययन के अधिकांश प्रश्न तो आसानी से हल हो गए, लेकिन वर्ल्ड हिस्ट्री के सवालों ने बहुत उलझाया। वहीं मोक्षदा बालिका उच्च विद्यालय केंद्र की अभ्यर्थी नेहा कुमारी और प्रिया कुमारी ने कहा कि विज्ञान व करेंट अफेयर्स तो काफी मजेदार रहे, लेकिन कठिन प्रश्नों के कारण संभावित कटऑफ थोड़ा प्रभावित हो सकता है।