फर्जी शिक्षकों को चेतावनी, भागलपुर में अप्रैल से 5064 फोल्डरों की जांच शुरू, दोषी पाए गए तो नौकरी खतरे में
भागलपुर में अप्रैल से 5064 फर्जी शिक्षकों के फोल्डरों की जांच शुरू होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रक्रिया ...और पढ़ें

भागलपुर में निगरनी मामले को लेकर बैठक करते डीईओ मौजूद बीईओ और अन्य
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में कार्यरत ऐसे फर्जी शिक्षक, जिन्हें लगता है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, उन्हें अब सतर्क होने की जरूरत है। अप्रैल महीने से 5064 शिक्षकों के फोल्डर की जांच शुरू होने जा रही है, जिससे कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
जिला स्तर पर समीक्षा बैठक
इसको लेकर बुधवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा की अध्यक्षता में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और निगरानी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जांच की प्रक्रिया और चरणबद्ध तरीके पर चर्चा की गई।
फोल्डर की जांच प्रक्रिया
पूर्व में कोर्ट के निर्देश के बाद जिले से 5064 शिक्षकों के फोल्डर ऑफलाइन माध्यम से पटना में जमा कराए गए थे। अब इन फोल्डरों की जांच जमीन पर शुरू की जाएगी। योजना के अनुसार अप्रैल से नगर निगम क्षेत्र के ब्लॉक रिसोर्स सेंटर पर जांच होगी। प्रत्येक दिन दो प्रखंडों के फोल्डर का मिलान किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
हड़कंप और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, निगरानी विभाग के साथ हुई बैठक के बाद कई प्रखंडों में हड़कंप की स्थिति है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और उनकी नौकरी तत्काल समाप्त कर दी जाएगी।
पिछले मामलों का संदर्भ
गौरतलब है कि भागलपुर जिले में पहले भी निगरानी जांच के तहत 108 से अधिक शिक्षकों पर मामला दर्ज हो चुका है और उनकी सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। हाल ही में निगरानी विभाग ने 10 संस्थानों की डिग्रियों को फर्जी घोषित किया, जिसमें राज्य भर के 1346 शिक्षक शामिल थे। इनके आधार पर जिले में आगे बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
38 बिंदुओं पर होगा मिलान
जांच के दौरान सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित फोल्डर की सीडी के साथ 38 बिंदुओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इन दस्तावेजों का मिलान 5064 फोल्डरों से किया जाएगा। जो शिक्षक फर्जी पाए जाएंगे, उनकी सूची तैयार की जाएगी। जिन शिक्षकों ने पहले ही नौकरी छोड़ दी है, उनका भी अलग से रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इस जांच प्रक्रिया से जिले में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी शिक्षकों को दंडित करने की उम्मीद है।
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