भारतीय रेल : भागलपुर रेलवे जंक्शन बनेगा हाई-टेक, रूफटॉप प्लाजा और वंदे भारत स्लीपर के साथ नया अनुभव
भागलपुर को जल्द ही कई बड़ी रेल सौगातें मिलेंगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भागलपुर जंक्शन का पुनर्विकास होगा, जिसमें बजट वृद्धि और एयरपोर्ट जैसी सु ...और पढ़ें

Indian Railways Bhagalpur Railway Junction
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भारतीय रेल : रेल विकास के क्षेत्र में भागलपुर को जल्द ही कई बड़ी सौगातें मिलने वाली हैं। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत शहर के रेलवे ढांचे को आधुनिक, सुदृढ़ और यात्री-अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत भागलपुर जंक्शन के पुनर्विकास के लिए स्वीकृत बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की तैयारी है। वर्तमान में 481.60 करोड़ रुपये के बजट को 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा सके।
पुनर्विकास योजना के तहत भागलपुर जंक्शन को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा और यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण रूफटॉप प्लाजा होगा, जिसे यात्रियों और आम लोगों दोनों के लिए विकसित किया जाएगा। रूफटॉप प्लाजा में कैफे, फूड कोर्ट, बैठने की खुली व्यवस्था, हरित गार्डन, वॉकिंग एरिया, बच्चों के लिए प्ले जोन, छोटे रिटेल शॉप्स तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ओपन स्पेस की सुविधा दी जाएगी। इसे इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यात्री ट्रेन के इंतजार के दौरान आरामदायक और आधुनिक माहौल का अनुभव कर सकें।
- रेलवे विकास का बड़ा तोहफा: भागलपुर में अमृत भारत स्टेशन योजना और दुमका दोहरीकरण फास्ट ट्रैक पर
- टीम भागलपुर: हाई-स्पीड रेल और आधुनिक स्टेशन से शहर को मिलेगी नई पहचान
- 3169 करोड़ की परियोजना से भागलपुर–दुमका रेल का दोहरीकरण, माल व यात्री सुविधाओं में बड़ी छलांग
- भागलपुर का रेलवे नेटवर्क होगा भविष्य के अनुरूप, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं और रूफटॉप प्लाजा की सौगात
इसी क्रम में भागलपुर–दुमका रेल दोहरीकरण परियोजना को केंद्र सरकार ने फास्ट ट्रैक मोड पर डाल दिया है। 177 किलोमीटर लंबे भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेल दोहरीकरण पर लगभग 3169 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अंतर्गत संचालित होगी। इसके पूरा होने से हर वर्ष लगभग 15 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा, जिसमें कोयला, सीमेंट, खाद और पत्थर जैसी सामग्रियां शामिल हैं।
इस रेल परियोजना से भागलपुर और बांका जिले के साथ-साथ झारखंड के गोड्डा और दुमका तथा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले को भी सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही धार्मिक स्थलों देवघर और तारापीठ तक आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
इसके अलावा भागलपुर को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मिलने की संभावना भी जताई जा रही है, जो प्रारंभ में त्रि-साप्ताहिक रूप से संचालित होगी। वहीं वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर भी नवगछिया के पास से गुजर सकता है। इन सभी योजनाओं के धरातल पर उतरने से भागलपुर का रेल नेटवर्क नई ऊंचाइयों को छुएगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।