कोचिंग की नो टेंशन! मोबाइल बनेगा नया गुरु, पीएम ई-विद्या ऐप से हर बच्चे तक पहुंचेगी क्वालिटी एजुकेशन
पीएम ई-विद्या ऐप बच्चों को घर बैठे मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा प्रदान कर रहा है, जिससे कोचिंग पर निर्भरता कम होगी। हाल ही में पटना में शिक्षक ...और पढ़ें

मोबाइल बनेगा नया गुरु, पीएम ई-विद्या ऐप से हर बच्चे तक पहुंचेगी क्वालिटी एजुकेशन (AI Generated Image)
HighLights
पीएम ई-विद्या ऐप मुफ्त डिजिटल शिक्षा का मंच।
पटना में शिक्षकों को ऐप उपयोग का प्रशिक्षण।
कोचिंग पर निर्भरता घटाकर गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बदलते समय के साथ शिक्षा का स्वरूप तेजी से डिजिटल हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार की पीएम ई-विद्या पहल विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। यह केवल एक मोबाइल ऐप नहीं, बल्कि ऐसा डिजिटल मंच है, जहां बच्चे बिना किसी शुल्क के घर बैठे गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई कर सकते हैं।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), पटना में 27 से 31 जुलाई तक आयोजित पांच दिवसीय राज्यस्तरीय अभिविन्यास-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला में इसी व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में बिहार के विभिन्न जिलों से 56 शिक्षकों ने भाग लिया, जिनमें भागलपुर जिले से इंटर हाई स्कूल की डॉ. शैल प्रज्ञा, मध्य विद्यालय दोगच्छी के ओम प्रकाश और मध्य विद्यालय तेतरहाट की इफत इमरान शामिल रहीं।
प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा विद्यालय की कक्षाओं का पूरक नहीं, बल्कि मजबूत सहयोगी बनेगी। पीएम ई-विद्या एप पर बीआर 63 से बीआर 67 तक बिहार राज्य के चैनल हैं। इसके अलावा बच्चे किसी भी राज्य के शिक्षकों का क्लास कर सकते हैं।
कोचिंग पर निर्भरता होगी खत्म
इस प्रशिक्षण में बताया गया कि पीएम ई-विद्या मोबाइल ऐप पूरी तरह निःशुल्क है। इसमें किसी प्रकार का पंजीकरण शुल्क या सदस्यता नहीं देनी पड़ती। विद्यार्थी दिन के किसी भी समय विषयवार वीडियो, पाठ, अभ्यास सामग्री और पुनरावृत्ति देख सकते हैं।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए यह ऐप काफी उपयोगी साबित होगा। विद्यालय से लौटने के बाद भी बच्चे कठिन अध्यायों को दोबारा समझ सकेंगे और परीक्षा की बेहतर तैयारी कर पाएंगे। इससे शिक्षा विभाग का जो बच्चों को कोचिंग से दूर करने की पहल है, वह सही साबित होगी।
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वहीं, पांच दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल कंटेंट निर्माण की पूरी प्रक्रिया सिखाई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों से वीडियो तैयार कराकर उसका तकनीकी और शैक्षणिक मूल्यांकन कराया गया।
इसमें विषय की शुद्धता, सरल भाषा, प्रस्तुतीकरण, ध्वनि, प्रकाश व्यवस्था, कैमरा एंगल और बच्चों की समझ के अनुरूप सामग्री तैयार करने जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
विद्यालयों में चलेगा जागरूकता अभियान, अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचेगा ऐप
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों से कहा गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों और अभिभावकों को पीएम ई-विद्या मोबाइल ऐप के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने बताया कि इससे न केवल विद्यालयों में बेहतर डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार होंगे, बल्कि विद्यार्थियों को पीएम ई-विद्या ऐप से जोड़कर शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और रोचक बनाने का प्रयास भी करेंगे।