विक्रमशिला सेतु हादसा : 34 मीटर हिस्सा गिरने पर एक्शन, निर्देश- इंजीनियर पर करें कठोर कार्रवाई, तीन माह में मरम्मत करें
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरने के बाद एक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। आईआईटी पटना जांच करेगी और सरकार ने तीन ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु हादसा: 34 मीटर हिस्सा गिरते ही एक्शन, इंजीनियर निलंबित; तीन माह में दुरुस्ती
जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा रविवार देर रात भागलपुर की ओर से गंगा नदी में समा गया। घटना के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारी तय करनी शुरू कर दी है।
इंजीनियर निलंबित, कार्रवाई के संकेत
पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के डायरेक्टर डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय करते हुए निगम के कार्यपालक अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
आईआईटी पटना को सौंपी गई जांच
घटना की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी पटना के विशेषज्ञों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीम मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से का आकलन करेगी और मरम्मत की विस्तृत रूपरेखा तैयार करेगी।
तीन महीने में बहाली का लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार, लक्ष्य रखा गया है कि करीब तीन महीने के भीतर पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर आवागमन को फिर से सामान्य किया जाए। हालांकि, मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
केंद्र से भी मांगी गई मदद
इस मामले में राज्य सरकार ने केंद्र से भी सहयोग मांगा है। बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजनाथ सिंह से बातचीत कर सीमा सड़क संगठन (BRO) का सहयोग लेने का अनुरोध किया है।
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तेजी और गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
सरकार का प्रयास है कि मरम्मत कार्य तेजी के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए। विशेषज्ञों की निगरानी में काम कराकर पुल को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से चालू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
लोगों की नजरें मरम्मत कार्य पर
पुल का हिस्सा गिरने के बाद क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ऐसे में लोगों की नजरें अब मरम्मत कार्य और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पुल को फिर से चालू करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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