Motihari News: गांजा तस्करी के आरोप में दस वर्षों का सश्रम कारावास और दो लाख रुपये का अर्थदंड
मोतिहारी में एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के मामले में तनवीर आलम को 10 साल की सजा सुनाई है और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। चकिया पुलिस ने 30 किलो गांजा बरामद किया था जिसके बाद तनवीर को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया।

संवाद सहयोगी,मोतिहारी। एनडीपीएस कोर्ट प्रथम की विशेष न्यायाधीश रेशमा वर्मा ने गांजा तस्करी के मामले में नामजद अभियुक्त ढाका थाना हरुयानी वार्ड संख्या-आठ के निवासी शकील अख्तर के पुत्र तनवीर आलम को दोषी पाते हुए 10 वर्षों के सश्रम कारावास एवं दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड नहीं देने पर तनवीर को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में चकिया थाना के तत्कालीन पीटीसी विजय कुमार छेत्री ने चकिया थाना कांड संख्या 228/2023 दर्ज कराते हुए तनवीर आलम सहित दो को नामजद किया था।
प्राथमिकी के अनुसार, 21 जून 2023 को कंट्रोल से सूचना मिली थी कि मधुबन थानाक्षेत्र के चोरमा चौक के पास एक सफेद मारुति कार एक ऑटो को धक्का मारकर तेजी से बनरझूला की ओर भाग रही है।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर हरपुर नाग रेलवे गुमटी के पास कार को पकड़ लिया। कार की तलाशी में प्लास्टिक में लपेटे प्रतिबंधित 30 किलो गांजा बरामद किया गया।
पूछताछ में तनवीर आलम ने बताया कि एक मित्र ने उसे गाड़ी और गांजा सौंपा था, जिसे मेहसी के किसी व्यक्ति को पहुंचाना था। पुलिस ने तनवीर के विरुद्ध आरोपपत्र समर्पित किया, जबकि सह-अभियुक्त शमशेर आलम के खिलाफ अनुसंधान जारी है।
एनडीपीएस वाद संख्या 73/2023 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डॉ. शंभू शरण सिंह ने पांच गवाहों की गवाही कराई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त को धारा 20(बी) ii(सी) एवं 25 एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई। साथ ही, अभियुक्त द्वारा कारागार में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का आदेश दिया गया।
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