मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: बिहार के इस जिले में 680 छात्रों पर सर्टिफिकेट केस, डिफॉल्टर घोषित
अरवल में मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण न चुकाने वाले 680 छात्रों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया गया है और उन्हें डिफाल्टर घोषित किया ...और पढ़ें

बिहार के इस जिले में 680 छात्रों पर सर्टिफिकेट केस, डिफॉल्टर घोषित
जागरण संवाददाता, अरवल। मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत ऋण जमा नहीं करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला निबंधन एवं परामर्श द्वारा संचालित मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को ऋण मुहैया कराई गई थी, लेकिन अधिकांश छात्रों के द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अंदर राशि जमा नहीं की गई।
विभाग ने 680 छात्रों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज करते हुए उन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया है। सैकड़ों छात्रों शपथ पत्र विभाग को उपलब्ध कराया गया है। इस कारण उन्हें छह माह तक मोहलत दी गई है।छात्रों के द्वारा शपथ में कहा गया है कि फिलहाल ऋण की राशि जमा करने में असमर्थ हैं। इस कारण कुछ दिन का समय दिया जाए। इस कारण विभाग द्वारा करीब छह माह का समय दिया गया है।
इस अवधि में राशि जमा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ भी सर्टिफिकेट केस दर्ज करते हुए डिफाल्टर घोषित किया जाएगा। ताकि उन्हें अन्य किसी भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखा जा सके। जिले में अबतक मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 3 हजार 944 विद्यार्थियों को ऋण मुहैया कराया गया था, ताकि उच्च शिक्षा की पढ़ाई करने में पैसे आड़े नहीं आ सके।
ऋण मुहैया कराने के दौरान कहा गया कि था कि निर्धारित समय पर राशि जमा करना है।मूल राशि जमा नहीं करने के कारण उस पर ब्याज भी लगातार बढ़ता जा रहा है। वैसे छात्र-छात्राओं के ऊपर कार्रवाई की जा रही है। जो मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से ऋण लेकर विभागीय स्तर पर कई बार नोटिस भेजने के बावजूद भी बेरोजगार होने की शपथ पत्र कार्यालय में दाखिल नहीं किया गया।
शिक्षा वित्त निगम के सहायक प्रबंधक ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना में शामिल आर्थिक हल युवाओं को बल अंतर्गत मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत तीन या चार वर्षीय तकनीकी शिक्षा के लिए ऋण दिया गया है। वैसे छात्र जिन्होंने शिक्षा पूरी करने के एक वर्ष बाद किस्त जमा नहीं किया है।
राशि जमा करने से संबंधित छात्रों के घर नोटिस भेजी जा रही है, जो छात्र तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद बेरोजगार हैं या उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं इसका शपथ पत्र जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र में जमा करना है। जिन छात्रों द्वारा कोर्स समाप्त होने के एक वर्ष बाद शपथ पत्र नहीं दिया गया है। उन्हें विभागीय निर्देशानुसार नीलाम पत्र वाद दायर करते हुए डिफाल्टर घोषित किया गया है। और राशि वसूली से संबंधित कार्रवाई की जा रही है।
क्या कहते हैं पदाधिकारी?
मुख्यमंत्री स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत छात्रों को दिये गए ऋण को जमा नहीं किया गया। जिस कारण वैसे छात्रों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 680 छात्रों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया गया है। उन्हें डिफाल्टर घोषित भी किया गया है। - माया कुमारी, सहायक प्रबंधक वित्त निगम
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