खगड़िया के बेलदौर में 59 साल बाद दिखी कुदरत की ऐसी तबाही, ओलावृष्टि से बिछी बर्फ की चादर
मंगलवार देर रात खगड़िया के बेलदौर में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। ग्रामीणों के अनुसार, 1967 के बाद ऐसी भीषण आपदा नहीं दे ...और पढ़ें

ओलावृष्टि से बिछी बर्फ की चादर
जागरण संवाददाता, बेलदौर (खगड़िया)। मंगलवार देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने इलाके में भारी तबाही मचाई। ग्रामीणों का कहना है कि 1967 के बाद इतनी भीषण आंधी और ओलावृष्टि उन्होंने नहीं देखी थी।
कई घरों के छप्पर उड़ गए और विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़े। बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे रातभर अंधेरा छाया रहा। फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
ओलावृष्टि के बाद बर्फ जैसी परत जम गई
लगभग आधे घंटे तक चली बारिश और ओलावृष्टि के बाद जगह-जगह बर्फ जैसी परत जम गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। घटना के बाद लोग अपने परिजनों की सलामती जानने के लिए फोन पर हाल-चाल लेते रहे।
पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल बना रहा। प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीण जीवन और कृषि दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है।
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