Trending

    बिहार में वंशावली बनवाना हुआ आसान, शहरी क्षेत्रों में अब अंचलाधिकारी को दी गई जिम्मेदारी

    By Sr. Ajit Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 09 Mar 2026 02:20 PM (IST)

    Bihar Genealogy Certificate: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह जिम्मेदारी अंचलाधिकारी (सीओ) को सौंपी है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इ ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    यह तस्वीर एआई टूल चैट जीपीटी की मदद से तैयार की गई है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। शहरी क्षेत्रों में जमीन से जुड़े मामलों में वंशावली बनवाने को लेकर होने वाली उलझन अब खत्म हो जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue Department Bihar) ने इस प्रक्रिया को सरल बनाते हुए वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारी (सीओ) को सौंप दी है।

    उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस व्यवस्था से नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी और जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा आसान होगा।

    बंटवारे की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित

    नई व्यवस्था के तहत अब शहरी क्षेत्रों में वंशावली जारी करने का अधिकार सीधे अंचलाधिकारी को दिया गया है। साथ ही एक नए पोर्टल के माध्यम से एक ही आवेदन में परिवार के सभी हिस्सेदारों का दाखिल-खारिज संभव होगा। इससे पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच के पास जिम्मेदारी

    अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सरपंच के पास होती थी। वहीं शहरी क्षेत्रों में किसी एक सक्षम प्राधिकार का स्पष्ट निर्धारण नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। कई बार लोग वार्ड पार्षद से हस्ताक्षर कराते थे या कोर्ट से शपथ पत्र बनवाते थे, लेकिन इनकी आधिकारिक मान्यता को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती थी।

    पहले हो रही थी परेशानी

    पुरानी व्यवस्था में स्पष्ट अधिकार न होने से लोगों को यह समझ नहीं आता था कि वंशावली कहां से बनवाएं। इसके कारण कई मामलों में देरी होती थी और जमीन सर्वेक्षण या कानूनी प्रक्रिया में भी दिक्कत आती थी।

    सरकारी दस्तावेज के रूप में मान्यता

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों के लोग सीधे अपने संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे।

    अंचलाधिकारी द्वारा जारी वंशावली को सरकारी दस्तावेज के रूप में मान्यता मिलेगी, जिसे जमीन सर्वे, कोर्ट और बैंक जैसे संस्थानों में आसानी से स्वीकार किया जाएगा।

    वंशावली एक ऐसा दस्तावेज है, जिसमें परिवार के पूर्वजों और उनके वारिसों के बीच संबंध का विवरण दर्ज होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से जमीन सर्वेक्षण, संपत्ति के बंटवारे, उत्तराधिकार से जुड़े मामलों और कई सरकारी योजनाओं में किया जाता है।

    मुजफ्फरपुर के पुरानी बाजार मोहल्ला निवासी परवेज ने कहा कि पार्षद की ओर से जारी वंशावाली को कानूनी रूप से मान्यता मिलने में परेशानी थी। नई व्यवस्था में यह परेशानी दूर हो गई है।