बिहार के मठ-मंदिरों को पर्यटन स्थल बनाने के लिए अध्ययन यात्रा, मुजफ्फरपुर के 11 स्थल चिह्नित
बिहार के प्रमुख मठ-मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एक अध्ययन यात्रा शुरू हुई है। शून्यकाल समिति मुजफ्फरपुर सहित राज्य के विभिन्न ...और पढ़ें

शून्यकाल समिति मुजफ्फरपुर समेत राज्य के विभिन्न जिलों में अध्ययन यात्रा कर रही है। फाइल फोटो
HighLights
बिहार के प्रमुख मठ-मंदिरों को पर्यटन स्थल बनाया जाएगा।
मुजफ्फरपुर के 11 धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट तैयार।
गरीबनाथ मंदिर कॉरिडोर व चामुंडा स्थान का विकास होगा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Temple Tourism: बिहार के प्रमुख मठ-मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है।
बिहार विधानसभा की शून्यकाल समिति मुजफ्फरपुर समेत राज्य के विभिन्न जिलों में अध्ययन यात्रा कर रही है।
शून्यकाल समिति का दौरा
अध्ययन यात्रा के दौरान समिति के सदस्य धार्मिक स्थलों के भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की समीक्षा करेंगे।
समिति द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर इन स्थलों के सर्वांगीण विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
ग्यारह स्थलों की रिपोर्ट
जिला प्रशासन के पर्यटन कोषांग ने मुजफ्फरपुर के 11 प्रमुख मठ-मंदिरों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है।
इस रिपोर्ट में इन धरोहरों में उपलब्ध सुविधाओं, जीर्णोद्धार की आवश्यकता और वर्तमान स्थिति का ब्योरा शामिल है।
गरीबनाथ मंदिर कॉरिडोर
प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और कॉरिडोर निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इसके अलावा कटरा स्थित प्रसिद्ध चामुंडा स्थान का विकास केंद्र सरकार की 'प्रसाद योजना' के तहत किया जाएगा।
अन्य प्रमुख मठ-मंदिर
सूची में सकरा का बघनगरी रामजानकी मठ, मुशहरी का बनवारीनाथ मठ और मड़वन का प्रताप मठ भी शामिल है।
साथ ही कांटी का साइन भगवती स्थान, बंदरा का खगेश्वरनाथ मंदिर और मीनापुर की भष्मी देवी मंदिर को भी चुना गया है।
पर्यटन सुविधाओं का विस्तार
मुशहरी स्थित मणिकामन झील को विकसित करने और मोतीपुर व गायघाट में मार्गीय सुविधा केंद्र बनाने पर काम जारी है।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
राजस्व में होगी वृद्धि
शून्यकाल समिति 2 अगस्त तक मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली और पटना का दौरा करेगी।
धार्मिक स्थलों के कायाकल्प से राज्य सरकार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को राजस्व प्राप्ति की नई संभावनाएं बनेंगी।
मुजफ्फरपुर के 11 मठ-मंदिर व पर्यटन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति
| क्रम | मठ/मंदिर/परियोजना | वर्तमान स्थिति / कार्रवाई |
|---|---|---|
| 1 | बाबा गरीबनाथ मंदिर | पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। कॉरिडोर निर्माण प्रस्तावित है। मंदिर के सुंदरीकरण को लेकर अपर समाहर्ता से रिपोर्ट मांगी गई है। |
| 2 | सकरा के जगदीशपुर बघनगरी रामजानकी मठ | पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए रिपोर्ट विभाग को भेजी जा चुकी है। |
| 3 | मुशहरी का बनवारीनाथ मठ | पर्यटन स्थल घोषित करने के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। |
| 4 | मड़वन का प्राचीन शिवालय प्रताप मठ | मंदिर परिसर के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार का कार्य प्रस्तावित है। |
| 5 | कांटी का साईं भगवती स्थान एवं रामजानकी मंदिर | विभागीय स्वीकृति लंबित है। डीसीएलआर पश्चिमी को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। |
| 6 | बंदरा का खगेश्वरनाथ मंदिर | पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित। भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। |
| 7 | मीनापुर के पानापुर भष्मी देवी मंदिर एवं घोसौत राजराजेश्वरी चंडीमाता मंदिर | पर्यटन विकास का प्रस्ताव है। डीसीएलआर पूर्वी स्तर से कार्रवाई अपेक्षित है। |
| 8 | कटरा का चामुंडा स्थान | प्रसाद (PRASAD) योजना के तहत विकास कराया जाएगा। |
| 9 | मोतीपुर बरजी मार्गीय सुविधा प्रोत्साहन केंद्र | पर्यटन सुविधा केंद्र के लिए भूमि का सत्यापन कराया जा रहा है। |
| 10 | गायघाट मैठीपुर प्लाजा के पास प्रीमियम मार्गीय सुविधा प्रोत्साहन केंद्र | भूमि सत्यापन दस्तावेजों के अभाव में अधूरा है। विभाग को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, मार्गदर्शन का इंतजार है। |
| 11 | मुशहरी की मणिकामन झील | पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। |