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    अखबारों में खबर छपी दो माह में दो करोड़ खर्च, आठ लाख के वाउचर मिसिंग...अगले दिन एलएस कालेज के बर्सर का इस्तीफा

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 02:00 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज के बर्सर डॉ. ऋतुराज कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के बाद आया है जिसमें कॉलेज में दो महीने में दो करोड़ रुपये खर्च होने और आठ लाख के वाउचर गायब होने की बात कही गई थी। विश्वविद्यालय ने खर्चों की जांच के लिए कॉलेजों से रिपोर्ट मांगी है जिससे अनियमितताओं का पता चल सके।

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    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एलएस कालेज के बर्सर डा. ऋतुराज कुमार ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है। वे कालेज के परीक्षा नियंत्रक पद पर भी थे। एलएस कालेज की प्राचार्य डा. कनुप्रिया ने बताया कि वे कालेज में दो पदों पर कार्यरत थे। उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

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    उन्होंने इस पद से हटाए जाने का अनुरोध किया था। परीक्षा नियंत्रक पर पद पर बने रहने का अनुरोध किया गया है। दूसरी ओर उनके इस्तीफे की चर्चा दिन भर कालेज से लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में होती रही।

    दैनिक जागरण में शुक्रवार के अंक में रोक के बावजूद एलएस कालेज में दो माह में दो करोड़ रुपये खर्च, आठ लाख के वाउचर मिसिंग,. शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। कालेज के पूर्व प्राचार्य की ओर से पांच मई से 22 जुलाई तक करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए थे।

    इससे पूर्व विश्वविद्यालय की ओर से पांच मई को पत्र जारी कर कालेजों के प्राचार्यों को कुलपति से अनुमति लेकर ही खर्च किए जाने की बात कही गई थी। एलएस कालेज के प्राचार्य डा.कनुप्रिया ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को रिपोर्ट भेजी थी।

    इसमें दो महीने में विभिन्न मदों में दो करोड़ से अधिक खर्च करने का विवरण है। प्राक्टर प्रो. बीएस राय ने बताया कि कालेजों से जानकारी मांगी गई है। इसकी जांच होगी।

    कालेजों से मांगी गई रिपोर्ट, सामने आएंगे खर्चे

    रोक के बावजूद कालेजों ने लाखों खर्च किए हैं। एलएस कालेज के अलावा अन्य कई कालेजों में जमकर खर्च हुए हैं। मुख्यालय के कालेजों से लेकर दूरदराज के कालेज इस श्रेणी में हैं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर खर्च रोक के बाद की अवधि से जुड़ा है।

    इसकी जांच होने पर कई अनियमितताएं भी सामने आ सकती हैं। पिछले दिनों कालेजों में हुए खर्च को लेकर विश्वविद्यालय ने सभी महाविद्यालयों से रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया है कि अधिकांश कालेजों ने रिपोर्ट जमा करा दी है।

    अब विश्वविद्यालय की ओर से राशि का मिलान करते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। बताया जा रहा है कि सोमवार से इसकी जांच हो सकती है। दूसरी ओर कई कालेजों ने बड़े पैमाने पर दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्ति भी की है। पिछले दिनों सीतामढ़ी के एक कालेज में जब जांच करने विश्वविद्यालय की टीम पहुंची तो जानकारी मिली को आठ पदों के विरुद्ध वहां 28 दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्ति की गई थी।