Trending

    loading ads...
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मुजफ्फरपुर में महंगे दौर में हल्के गहनों का ट्रेंड, अक्षय तृतीया पर बाजार चमका

    By Gopal Tiwari Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Sun, 19 Apr 2026 09:34 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर में अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी की खरीदारी में तेजी देखी गई। परशुराम जयंती के बाद से ही बाजार में रौनक बढ़ गई। महंगे दामों के बावजूद, लोग 18 ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    मुजफ्फरपुर में अक्षय तृतीया पर खरीदारी करते ग्राहक। जागरण

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । परशुराम जयंती के साथ ही दोपहर बाद से लोगों ने अक्षय तृतीया को लेकर खरीदारी शुरू कर दी। नौ से 22 कैरेट तक के आभूषण बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन लोगों को नौ कैरेट के आभूषणों में खरीदारों की दिलचस्पी नहीं दिख रही।

    कई दुकानदारों ने नौ कैरेट वाले आभूषण बिक्री होने से इन्कार किया। मध्यमवर्गीय परिवारों का सहारा 18 कैरेट के सोने के आभूषण बने रहे। हालांकि रविवार सुबह से ही सराफा मंडी में रौनक रही।

    दोपहर में भीड़ कम हुई, लेकिन शाम होते-होते ग्राहकों की संख्या बढ़ गई और देर शाम तक खरीदारी जारी रही। मद्रासी स्टाइल की सोने की चेन की बुकिंग सबसे अधिक रही।

    दुकानदारों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से भाव स्थिर है। रविवार को भाव नहीं आया। सोमवार बाजार खुलने के साथ भाव बढ़ने की संभावना पर लोगों ने रविवार से ही खरीदारी शुरू कर दी।

    बता दें कि बीते एक वर्ष में सोना-चांदी की कीमतों में तीन से चार गुना की वृद्धि हो गई है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों को शादी-विवाह, जनेऊ के अवसर पर कर्ज लेकर सोना खरीदना पड़ रहा है।

    ब्रांडेड दुकानों की तुलना में सराफा मंडी में कम मेकिंग चार्ज होने से लोगों का रुझान स्थानीय दुकानों की ओर बढ़ा है। सराफा संघ के महामंत्री मंजीत कुमार ने बताया कि सोना-चांदी में ऐसी व्यवस्था नहीं हो रही कि लोग ईएमआइ पर खरीदारी कर सकें।

    इससे उनको सहूलियत भी हो जाएगी और उन्हें शादी, जनेऊ के अवसर पर सोना, चांदी की कमी भी नहीं रहेगी। उनका कहना था कि इलेक्ट्रानिक आइटम से लेकर लोहा तक पर लोन या ईएमआइ उपलब्ध है, लेकिन सोना व चांदी पर ऐसी सुविधा नहीं मिलने से मध्यम वर्ग के लिए खरीदारी मुश्किल हो रहा है।

    कई ग्राहकों ने भी बताया कि यदि ईएमआइ सुविधा होती तो खरीदारी की मात्रा बढ़ सकती थी। सराफा कारोबारियों का कहना है कि अक्षय तृतीया को शुभ मुहूर्त मानकर लोग कम मात्रा में ही सही, लेकिन सोना खरीदना जरूरी समझते हैं। इसी कारण ऊंचे दाम के बाद भी बाजार में अच्छी खरीदारी देखी जा रही है।

    सोने की कटाई, छंटाई के कारण मेकिंग चार्ज भी दर के अनुरूप बढ़ता 

    मेकिंग चार्ज को लेकर कुछ दुकानदारों का कहना है कि ब्रांडेड दुकानों से छोटे दुकानदार मेकिंग चार्ज ले रहे हैं। ब्रांडेड दुकानदार जहां 18 से 30 प्रतिशत मेकिंग चार्ज ले रहे हैं, नन ब्रांडेड व सराफा मंडी के दुकानदार साढ़े सात से लेकर 10-12 प्रतिशत मेकिंग चार्ज ले रहे हैं।

    एक आभूषण दुकानदार ने मेकिंग चार्ज बढ़ने के पीछे के कारण पर कहा कि कारीगर आभूषण की मेकिंग करने में पैसा नहीं सोना लेते हैं। इसलिए भाव के साथ उनका भी मेकिंग चार्ज अधिक बढ़ जाता है।

    सोने की कटाई, छंटाई में बुरादा उड़ने से लास होता है। ऐसे में पैसा पर काम करने वाला कारीगर उतना सोना दुकानदारों को वापस नहीं कर पाएगा और एक दिन में वह दिवालिया हो सकता है। इसलिए सोने के कारीगर मेकिंग चार्ज के रूप में सोना ही लेते हैं।

    सोना-चांदी का भाव

    • 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) : 1.58 लाख रुपये
    • 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) : करीब 1.43 लाख रुपये
    • 18 कैरेट सोना (10 ग्राम) : करीब 1.24 लाख रुपये
    • चांदी : 255 प्रति ग्राम, 2,55,000 प्रति किलोग्राम