नालंदा में हत्या कर शव छिपाने के दोषी को उम्र कैद, आरोपित के पिता नामजद, घर से फरार
मृतक के पिता सह मामले के सूचक विजय चौधरी के फर्द बयान पर नालंदा थाना के तहत आरोप दर्ज किया गया था। जिसके अनुसार दो अप्रैल 20 को मोटर साइकिल से मृतक नीतीश कुमार मां की दवा लाने के लिए घर से निकला था परन्तु वापस नहीं आया। खोजबीन करने पर नहीं मिला।

जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ(नालंदा)। जिला न्यायालय के षष्ठम एडीजे सह एससी एसटी विशेष न्यायाधीश धीरज कुमार भाष्कर ने गत चार अगस्त को हत्या अपहरण, एससी एसटी अधिनियम के तहत दोषी करार आरोपित सौरभ कुमार को उम्र कैद तथा 50 हजार व 30 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है, जिसे अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास की सजा दी जाएगी। इसके अलावा अन्य धाराओं के तहत दस व तीन वर्ष कारावास की सजा दी गई।
अन्य धाराओं के तहत व तीन वर्ष कारावास सहित दस व पांच हजार रुपए जुर्माना जिसे अदा न करने पर छह व दो माह का अतिरिक्त कारावास भी आरोपित को भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। आरोपित द्वारा कारावास में व्यतीत की गई अवधि को समायोजित करने का निर्देश दिया गया। मृतक नीतीश कुमार उर्फ जितेश कुमार के माता पिता को मुआवजा भुगतान के लिए विधिक सेवा प्राधिकार को निर्देशित करने का आदेश दिया।
आरोपित गया जिले के नीमचक बथानी थाने के सरेन का रहने वाला है जबकि मृतक नालंदा थाना क्षेत्र के ककैला गांव निवासी है। अभियोजन पक्ष से सजा निर्धारण पर स्पेशल पीपी राणा रंजीत सिंह तथा अधिवक्ता गया प्रसाद ने बहस तथा सुनवाई के दौरान साज साक्षियों का परीक्षण किया था। मृतक के पिता सह मामले के सूचक विजय चौधरी के फर्द बयान पर नालंदा थाना के तहत आरोप दर्ज किया गया था। जिसके अनुसार दो अप्रैल 20 को मोटर साइकिल से मृतक नीतीश कुमार मां की दवा लाने के लिए घर से निकला था परन्तु वापस नहीं आया। खोजबीन करने पर नहीं मिला।
घटना के दस दिनों बाद पुलिस आरोपित के गांव पहुंचकर खंधा के कुएं से बाेरे में बंद शव को बरामद किया। था आरोपित के बगल से मोटरसाईकिल बरामद करते हुए आरोपित को गिरफ्तार किया गया था। आरोपित के पिता महेश प्रसाद भी घटना के नामजद है जो अब तक फरार हैं।
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