बिहार की जेलों में लगेंगे 9000 कैमरे, मोबाइल कॉल रोकने को लगेंगे विशेष टावर
बिहार की जेलों में कैदियों की सुरक्षा, निगरानी और मनोरंजन के लिए व्यापक उपाय किए जा रहे हैं। 53 जेलों में 9000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिस ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के जेलों में कैदियों की सुरक्षा और निगरानी से लेकर मनोरंजन तक के उपाय किए जा रहे हैं। कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सभी जेल परिसरों में कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं मोबाइल काल रोकने के लिए विशेष टावर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके अलावा कैदियों के मनोरंजन के लिए रंगीन टीवी भी लगाया जाएगा।
गृह विभाग के अनुसार, राज्य के 53 जेलों में करीब नौ हजार से अधिक क्लोज सर्किट कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जिम्मेदारी बेल्ट्रान को सौंपी गयी है। इस पर करीब 155 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन कैमरों को केंद्रीयकृत मानीटरिंग सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा, ताकि मुख्यालय से मानीटरिंग की जा सके।
इसके अलावा आठ केंद्रीय कारा सहित 15 महत्वपूर्ण जेलों में विशेष टावर लगाए जाएंगे ताकि अनचाहे मोबाइल काल को रोका जा सके। इसके लिए टावर आफ हारमोनिक काल ब्लॉकिंग सिस्टम (टीएचसीबीएस) लगाने का काम छह महीने के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेउर सहित बक्सर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, मोतिहारी और पूर्णिया के सेंट्रल जेल में भी यह सिस्टम लगाया जाएगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार, राज्य की जेलों में बंदियों के उपयोग को लेकर 681 रंगीन टीवी लगाये जा रहे हैं। इस पर करीब 3.10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रति टीवी करीब 43 हजार रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
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